फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agriculture: किसानों को उद्यमी बनाने के लिए हर जिले में बनेगी टीम, सरकार के साथ काम करेंगे ICAR के वैज्ञानिक

सार

किसानों को उद्यमी बनाने के लिए अब हर जिले में टीम तैयार की जाएगी। इस टीम में कृषि वैज्ञानिक, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, कृषि विभाग और प्रशासन के अफसर शामिल होंगे।
विज्ञापन
खेती की निराई करता किसान।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति के साथ अच्छी खेती करने वाले किसानों को सरकार ने उद्यमी के तौर पर तैयार करने का फैसला लिया है। इसके लिए देश के हर जिले में एक टीम का गठन होगा। इस टीम में कृषि वैज्ञानिक, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, कृषि विभाग और प्रशासन के अफसर शामिल होंगे। इसके अलावा किसानों को भी इस टीम का हिस्सा बनाया जाएगा। इनमें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी, स्वयं सहायता समूह के तहत अच्छा काम करने वाले किसानों और महिलाओं को भी जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार की पहल पर राज्य सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीन आने वाले सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक मिलकर इसके लिए काम करेंगे।  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. उधम सिंह गौतम ने बताया कि देशभर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र यानी केवीके संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों पर तैनात कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसानों को उद्यमी बनाने और फसलों को बर्बाद होने से बचाने का खाका तैयार किया जा रहा है।

बाजार की डिमांड पहले ही चलेगी पता

 डॉ. गौतम ने कहा, किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान फसलों की बुवाई और अधिक पैदावार से होता है। जिले स्तर पर जो टीम बनेगी वो हर सीजन में बुवाई से पहले बैठक शुरू कर देगी। इसमें पिछले आंकड़ों का अध्ययन कर फसल की जिले में डिमांड और खपत का पता करेगी। इससे तय किया जाएगा कि आगामी सीजन में किस फसल की कितनी बुवाई करनी चाहिए?

निर्यात पर  होगा फोकस

मांग के अनुसार ही फसलों की बुवाई करवाई जाएगी। n खपत से बचने वाले उत्पादों को निर्यात या फिर प्रोसेसिंग की श्रेणी में लाया जाएगा। n कुछ किसानों का चयन किया जाएगा, जो निर्यात के लायक फसलों का उत्पादन करेंगे। n कुछ किसानों के उत्पादों की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और पैकेजिंग करके बाजार में उतारने का काम होगा। n तकनीक आधारित खेती करने वाले किसानों का चयन होगा। n पशुपालन, मछलीपालन, मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें