प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने पश्चिम बंगाल के मंत्री और राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी दोनों को तीन अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने कहा है कि हर 48 घंटे के बाद इनका मेडिकल चेकअप होना चाहिए। ईडी ने अदालत से पार्थ चटर्जी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सौंपने की अपील की थी। सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर ने पार्थ चटर्जी की जांच के बाद कहा है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है।
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच
ईडी शिक्षक भर्ती घोटाले में वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। उसने अदालत से मंत्री की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी 13 दिनों के लिए हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया था। ईडी ने अपनी दलील में कहा था कि चटर्जी बंगाल सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल में बीमारी का बहाना बना कर भर्ती हुए थे और शनिवार को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें दो दिनों की रिमांड पर दिए जाने के दौरान केंद्रीय एजेंसी उनसे पूछताछ नहीं कर सकी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने रविवार को निर्देश दिया था कि चटर्जी को स्वास्थ्य जांच के लिए एयर एंबुलेंस से एम्स, भुवनेश्वर ले जाया जाए।
अदालत को सौंपी गई एम्स, भुवनेश्वर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि चटर्जी का रक्त चाप, ऑक्सीजन का स्तर सही है और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। वहीं, ईडी के अनुरोध का विरोध करते हुए चटर्जी के वकील ने उन्हें जमानत देने की अपील की थी।
पार्थ चटर्जी का हुआ मेडिकल चेकअप
एम्स भुवनेश्वर के निदेशक डॉ आशुतोष विश्वास ने कहा कि उन्हें (पार्थ चटर्जी) अपनी पुरानी बीमारी के कारण परेशानी हो रही थी। हमने जांच की और रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप दी है, सीने में ज्यादा दर्द नहीं है। उनकी हालत स्थिर है और आज उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
वहीं, पुलिस ने आज पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी को विशेष अदालत में पेश किया।
सोमवार सुबह करीब छह बजे ईडी के अधिकारी कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल पहुंचे, जहां राज्य के उद्योग मंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी भर्ती थे। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, उन्हें आज एयर एम्बुलेंस द्वारा एम्स, भुवनेश्वर ले जाया गया। उनके साथ एसएसकेएम अस्पताल के एक डॉक्टर और उनके वकील को ले जाने की छूट दी गई थी।
गौरतलब है कि पार्थ चटर्जी को एसएसकेएम अस्पताल से कमांड अस्पताल में स्थानांतरित करने पर ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। ईडी ने कोर्ट से कहा था कि जितने समय के लिए पार्थ अस्पताल में भर्ती हैं, उस समय को कस्टडी के तौर पर न लिया जाए। अगर उन्हें चिकित्सीय इलाज की जरूरत होगी तो हम उन्हें दिल्ली या कल्याणी के एम्स ले जा सकते हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को बेचैनी की शिकायत के बाद शनिवार शाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खास बात यह है कि शहर की एक अदालत द्वारा दो दिन की ईडी हिरासत में भेजे जाने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया था।
ईडी ने कहा- पार्थ चटर्जी दे रहे डॉन की तरह धमकी
पश्चिम बंगाल में शिक्षक घोटाले में गिरफ्तार उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी को रविवार को बैंकशाला कोर्ट ने एक दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रिमांड में भेज दिया। वहीं, ईडी ने कोर्ट में कहा कि पार्थ डॉन की तरह व्यवहार कर रहे हैं और धमका रहे हैं।
इससे पहले ईडी ने अर्पिता को बैंकशाला कोर्ट में पेश किया और सात के रिमांड की मांग करते हुए कहा कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है। लेकिन, कोर्ट ने एक ही दिन के लिए रिमांड दी। साथ ही अर्पिता की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। ईडी ने कोर्ट में कहा कि पार्थ चटर्जी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने की जरूरत नहीं है। उनकी जांच भी की जा चुकी है। ईडी ने कहा कि वह धमका रहे हैं और किसी भी तरह का सहयोग नहीं कर रहे हैं।
रातभर बेचैन रहे चटर्जी
एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती पार्थ ने रात में खाना खाया, लेकिन उन्हें ठीक से नींद नहीं आई और वे रातभर बेचैन रहे। पार्थ का कार्डियोलॉजी विभाग में इलाज चल रहा था। जहां छह डॉक्टरों का एक पैनल उनका उपचार कर था।
भाजपा ने कहा- सीएम ममता की चुप्पी अपराध की स्वीकृति
पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी की चुप्पी को लेकर भाजपा ने तीखे सवाल उठाए हैं। पार्टी के आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ममता बनर्जी की चुप्पी उनके इस भ्रष्टाचार में शामिल होने की स्वीकृति है। अब चटर्जी से खुद को दूर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पार्थ और उनके सहयोगियों से ममता के करीबी रिश्ते तो जगजाहिर हैं। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उनका भ्रष्टाचार सामने न आए इसी वजह से एक साजिश के तहत केंद्रीय एजेंसियों को निशाना बना रही हैं। एजेंसी
तृणमूल की मांग, समयबद्ध हो जांच
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने पार्थ चटर्जी के खिलाफ ईडी मामले की समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच सालों तक चलती रहती है। कहा-जिस समय घोटाला होने की बात कही जा रही है, क्या नोट उसी समय के हैं। क्या यह सब कुछ मिलान हो रहा है या नहीं।