37 वर्षीय एक महिला ने अपने साथ छेड़छाड़ करने वाले शिक्षक को 23 साल के लंबे समय के बाद जेल की सलाखों के पीछे भिजवाने में सफलता पाई है। आरोप है कि उक्त शिक्षक ने बाद में भी बच्चों का यौन शोषण करना जारी रखा था। आरोपी शिक्षक को इस महीने की शुरुआत में सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया था।
फिलहाल हांगकांग में अधिवक्ता महिला ने साल 2019 में अपने निजी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें महिला ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने दार्जीलिंग में स्थित उसके घर में छेड़छाड़ की थी जब वह 14 साल की थी। महिला ने कहा कि यह एक छोटी सी जीत है, अभी हमें बहुत लंबा सफर तय करना है।
महिला ने कहा, 'दोषी की जमानत याचिका हाल ही में खारिज कर दी गई और में पुलिस को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।' शिकायत दर्ज कराने के लिए दो दशक से अधिक का समय लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं काफी डरी हुई थी और समझ नहीं पा रही थी कि मुझे क्या करना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की जानकारी के साथ आगे आना बहुत कठिन हो सकता है, खास कर तब जब आप इसे अपने दिमाग के एक कोने में दफन कर चुके हों। मैंने शिकायत दर्ज कराने का फैसला तब लिया जब मुझे पता चला कि आरोपी ने बाद में भी बच्चों का यौन उत्पीड़न करना जारी रखा था।'
इस संबंध में दार्जीलिंग के उप पुलिस अधीक्षक राहुल पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई थी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सिलीगुड़ी में शिक्षक था जिसे अक्तूबर की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस के पास आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।