चंद्रबाबू नायडू-जगन मोहन रेड्डी
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टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू चुनाव ने भारतीय चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा कि सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी नेताओं के राजनीतिक दबाव के कारण चुनावी मशीनरी को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में जरूरी है कि स्वतंत्र मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने 2024 में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पर्याप्त कदम उठाने का अनुरोध किया।
उन्होंने आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए और चुनाव आयोग से जांच के लिए राज्य का दौरा करने का आग्रह किया। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाए और मृत मतदाताओं और फर्जी प्रविष्टियों को बाहर किया जाए। उन्होंने मतदाताओं के डेटा और आधार नंबरों को निजी एजेंसियों को कथित रूप से स्थानांतरित करने की भी जांच की मांग की।
चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे दोनों दलों के नेता
इस बीच टीडीपी प्रमुख दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचे। इसके अलावा विजयसाई रेड्डी के नेतृत्व में वाईएसआरसीपी प्रतिनिधिमंडल भी आयोग कार्यालय पहुंचा है।
चंद्रबाबू ने क्या कहा?
आयोग के दफ्तर से बाहर आकर टीडीपी प्रमुख ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी तीन सदस्य वहां मौजूद थे। मैंने साफ-साफ बताया है कि कैसे आंध्र प्रदेश सरकार चुनाव प्रक्रिया का उल्लंघन कर रही है और वे लोकतंत्र की व्यवस्था को कैसे नष्ट कर रहे हैं। अब वे राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करना चाहते हैं। मैंने कल चुनाव आयोग से कहा कि मैं एक हलफनामा दायर करना चाहता हूं। मुझे आरटीआई के तहत डीजीपी से पूछना है कि मेरे ऊपर कितने मामले लंबित हैं। वे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराना चाहते हैं। राज्य की नौकरशाही डरी हुई है।
वाईएसआर कांग्रेस ने बैठक के बाद क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद वाईएसआर के राज्यसभा सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने कहा कि आज हमने मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने एक प्रेजेंटेशन दिया कि कैसे 2014 और 2019 के बीच मतदाता सूची में हेरफेर किया गया। टीडीपी नेता अनुचित और झूठे आरोप लगा रहे हैं, जो कानून में स्वीकार्य नहीं हैं।