केरल के सबरीमाला मंदिर में सोने की परत के विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। इसके तहत त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के जयकुमार ने एक नया आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब बोर्ड की बैठकों में कोई भी मामला उनके पूर्वानुमोदन के बिना पेश नहीं किया जाएगा।
यह आदेश शुक्रवार को जारी किया गया। माना जा रहा है कि यह कदम हाल ही में सबरिमाला मंदिर से सोने की परत चोरी के विवाद के बाद उठाया गया है। इस मामले में दो पूर्व टीडीबी अध्यक्षों को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया था।
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आदेश में कुल पांच बातों पर मुख्य फोकस
बता दें कि टीडीबी द्वारा जारी आदेश में कुल पांच बातों पर मुख्य फोकस किया गया है। इसके तहत पहली बात ये है कि जो भी विषय अध्यक्ष से पहले मंजूर नहीं होंगे, उन्हें बोर्ड की बैठक में नहीं रखा जाएगा। दूसरी बात अध्यक्ष द्वारा मंजूर किए गए सभी मामलों को फोल्डरों में संकलित कर बैठक में उन्हें और बोर्ड के सदस्यों को सौंपा जाएगा।
इसके अलावा बैठक में लिए गए निर्णयों की मास्टर कॉपी बोर्ड सदस्यों को जारी की जाएगी। मास्टर कॉपी, जिस पर सभी सदस्य हस्ताक्षर करेंगे, अगली बैठक में मिनट्स में पुष्टि की जाएगी और विभाग अपने अधिकार क्षेत्र के तहत स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं, जैसा कि पावर डेलीगेशन में तय है।
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एसआईटी की जांच और आरोप
गौरतलब है कि हाल ही में एसआईटी ने जांच में पाया कि 2019 में पूर्व टीडीबी सदस्यों ने बोर्ड की बैठक में सोने की चढ़ी हुई द्वारपालक परत और श्रीकोविल (मंदिर के मुख्य गर्भगृह) के दरवाजे की चढ़ाई के लिए एजेंडा पेश किया था। एसआईटी का आरोप है कि पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने रिकॉर्ड में बदलाव किया और सोने की चढ़ी परत को सिर्फ तांबे की प्लेट्स दिखा दिया। इस आदेश के बाद अब बोर्ड की बैठकों में सब कुछ अध्यक्ष की निगरानी में होगा और किसी भी मामले को बिना अनुमति के नहीं उठाया जा सकेगा।