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Moonlighting: टीसीएस ने 'मूनलाइटिंग' को बताया नैतिक मुद्दा, कहा- किसी कर्मचारी के खिलाफ नहीं की कार्रवाई

Mon, 10 Oct 2022 10:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

कंपनी के मानव संसाधान अधिकारी मिलिंद लक्कड़ ने संवाददातओं से कहा कि मूनलाइटिंग एक नैतिक मुद्दा है और यह हमारे मूल मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ है।
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी आईटी निर्यातक कंपनी टीसीएस ने सोमवार को कहा कि मूनलाइटिंग एक नैतिक मुद्दा है और यह इसके मूल मूल्यों के खिलाफ है। हालांकि, उसने किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। 

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कंपनी के मानव संसाधान अधिकारी मिलिंद लक्कड़ ने संवाददातओं से कहा कि कंपनी इस मुद्दे पर अपना अंतिम दृष्टिकोण बनाते समय सभी प्रासंगिक आयामों को ध्यान में रखेगी। लक्कड़ ने कहा, हमारा मानना है कि मूनलाइटिंग एक नैतिक मुद्दा है और यह हमारे मूल मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ है। 

लक्कड़ ने कहा कि टीसीएस ने किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। वहीं विप्रो ने हाल ही में मूनलाइटिंग करने वाले तीन सौ से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त करने की घोषणा की थी। टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने कहा कि एक कर्मचारी को सेवा अनुबंध के तहत किसी अन्य संगठन के लिए काम करने से रोक दिया जाता है। 
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उन्होंने कहा कि टीसीएस की अपने कर्मचारियों के प्रति लंबे समय तक के लिए कमिटमेंट है और कर्मचारियों की कंपनि के प्रति पारस्परिक प्रतिबद्धता भी है। उन्होंने आगे इस बात को भी स्वीकार किया  कि मौजूदा आईटी उद्योग के इसके साथियों (अन्य कंपनियां) के इस विषय पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं। 

हाल के हफ्तों में आईटी उद्योग के सीएक्सओ (चीफ एक्सप्रीयंस ऑफिसर) मूनलाइटिंग पर अपने रुख के बारे में बाते बता रहे हैं, लेकिन विस्तार से नहीं बता रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण आईटी उद्योग ने डिजिटलीकरण को और ज्यादा अपनाया लेकिन सर्विस की हाई डिमांड के कारण उन्हें मैनपावर की कमी का सामना करना पड़ा है। 
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