झारखंड के गढ़वा जिले में पांच आदिवासियों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दुर्गा की मूर्ति की फोटो खींचने पर ग्राम प्रधान और अन्य ने उनके साथ मारपीट कर सिर भी मुंडवाया। 20 से 25 वर्ष की आयु के पांच युवक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) से संबंधित है। इस मामले में बीटा पंचायत के मुखिया सहित आठ लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना झारखंड की राजधानी रांची से करीब 210 किलोमीटर दूर पाल्हे गांव में छह अक्टूबर को हुई। चीनिया थाना प्रभारी बीरेंद्र हांसदा ने कहा कि पीड़ितों की तहरीर पर बीटा पंचायत के मुखिया रामेश्वर सिंह और सात अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है। विनोद कोरवा ने दावा किया कि मैं विसर्जन के दौरान दुर्गा मूर्ति की फोटो खींच रहा था, तो मुझे कुछ लोगों ने पूजा स्थल से बाहर निकाल दिया। वह कह रहे थे कि यह कोरवा जाति से है।
बताया गया है कि विनोद के गांव के गंगा कोरवा, रूपेश कोरवा, गंगा कोरवा, अजय कोरवा व अन्य उसके बचाव में आए। लेकिन उनके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की गई। विनोद ने पुलिस को बताया कि 7 अक्तूबर को मुखिया और तीन अन्य लोगों ने पांचों को एक बैठक के बहाने बुलाया। जहां उन्हें रस्सी से बांधकर पीटा गया। उन्होंने कहा कि मेरा सिर मुंडवाया गया और एक वीडियो बनाया। आदिम जनजाति परिषद के जिलाध्यक्ष नन्हेश्वर कोरवा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।