टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) ने शुक्रवार को एलान किया कि उसने हैदराबाद स्थित अपने संयंत्र से एएच-64 अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर के लिए 100वां फ्यूसलाज (विमान का ढांचा) बोइंग को सौंप दिया है।
फ्यूसलाज के पूरी तरह से तैयार होने के बाद अब उसे अमेरिका के एरिजोना स्थित बोइंग के एएच-64 अपाचे मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र ले जाया जाएगा। टीबीएएल बोइंग और टाटा का संयुक्त उपक्रम है। टीबीएएल मई 2018 से अपाचे फ्यूसलाज की आपूर्ति कर रहा है।
बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि टाटा बोइंग एयरो स्पेस लिमिटेड आत्मनिर्भर भारत के प्रति बोइंग की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले दो वर्षों में भारत से अपनी सोर्सिंग को चार गुना बढ़ाकर एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक कर दिया है।
एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे उन्नत मल्टी-रोल लड़ाकू हेलिकॉप्टरों में से एक है और इसे अमेरिकी सेना द्वारा उड़ाया जाता है। भारतीय वायुसेना ने सितंबर 2015 में 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों के लिए अमेरिकी सरकार और बोइंग लिमिटेड के साथ करोड़ों डॉलर का करार किया था। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने 2017 में सेना के लिए 4,168 करोड़ रुपये की लागत से बोइंग से छह अपाचे हेलिकॉप्टरों के साथ हथियार सिस्टम्स खरीद को मंजूरी दी थी।