मुंबई में टैक्सी बहुत से लोगों की रोजमरा की जिंदगी का एक हिस्सा है, लेकिन आने वाली दिनों में इनकी संख्या कम हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर शहर में ऑटो की संख्या बढ़ रही है। सूत्रों की मानें तो मुंबई आरटीओ ऑफिस ने पिछले महीने में केवल 200 पारंपरिक टैक्सी को परमिट दिया है, जबकि 20 हजार से ज्यादा ऑटो रिक्शा को परमिट जारी किया गया है।
2014 में ओला और उबर जैसी कैब सर्विस लॉन्च होने के बाद से ही शहर में पारंपरिक टैक्सियों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा था। जून में सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी परमिट को डी-फ्रीज कर दिया। बाद में राज्य सरकार परमिट को दोबारा जारी करने के लिए एक ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रक्रिया शुरू की।
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आरटीओ के सूत्रों के मुताबिक, ऑनलाइन एप्लिकेशन आने के बाद ताड़देव, अंधेरी, वडाला और बोरीवली ऑफिस ने टैक्सियों के लिए क्रमशः 87, 71, 16 और पांच परमिट जारी किए हैं। जबकि आरटीओ ऑफिस ने अंधेरी में 13,781, वडाला में 3,300 और बोरीवली में 6,559 ऑटोरिक्शा के लिए परमिट जारी किए हैं।
एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया की अगर शहर में नई टैक्सी नहीं होंगी, तो लोगों को लंबी दूरी के सफर में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। वहीं लोगों को कम दूरी तक जाने के लिए कैब करने में भी दिक्कत हो सकती है।