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टैक्स रहित खाने-पीने की चीजें रहेंगी जीएसटी से बाहर : जेटली

Thu, 23 Mar 2017 09:06 PM IST
amarujala.com, Presented By- मुकेश झा
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कहा कि जिन खाने-पीने की वस्तुओं पर अभी तक कोई टैक्स नहीं लगता है, उन्हें जीएसटी से अलग रखा जाएगा। उन्होंने फिर से दावा किया कि पहली जुलाई से देश में जीएसटी लागू हो जाएगा। इसके तहत पांच कानून बनाए जा रहे हैं, जिसमें सीजीएसटी, आईजीएसटी, केंद्र शासित राज्यों दिल्ली और पुडुचेरी के लिए अलग कानून और चार अन्य केंद्र शासित राज्यों के लिए यूटीजीएसटी कानून शामिल हैं। हर राज्य की विधानसभा में सीजीएसटी की तर्ज पर कानून पारित होगा। जीएसटी से जुड़े कानून जल्द ही लोकसभा में पेश कर पारित कराए जाएंगे।
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वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी को लेकर सभी राज्यों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर राजनीतिक लाइन ली। जिसका नतीजा ये रहा कि जीएसटी काउंसिल को हस्तक्षेप नहीं करना पड़ा और किसी भी मुद्दे पर वोटिंग नहीं करानी पड़ी। आम सहमति से सभी तैयार हुए। वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में स्वीकारा कि जीएसटी में पेट्रोलियम उत्पाद, आबकारी और रियल एस्टेट डील ब्रेकर बन सकत थे, यानि बातचीत में अवरोध पैदा कर सकते थे।
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एक ही जगह होगा टैक्स कलेक्शन

उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों को औपचारिक रूप से जीएसटी का हिस्सा बना लिया गया है, लेकिन सभी राज्य राजी नहीं हैं। लिहाजा अपना-अपना टैक्स लगाएंगे। हालांकि जीएसटी काउंसिल भविष्य में इस पर फैसला करेगा। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार आबकारी पर राजस्व को लेकर कुछ राज्यों को आपत्ति थी। दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने रियल एस्टेट को भी शामिल करने की बात कही थी।

काउंसिल ने बाकी प्रस्ताव लागू कर लिए हैं। रियल एस्टेट को एक साल में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स बंटवारे का जो फार्मूला निकाला गया है, उसके तहत एक ही जगह टैक्स कलेक्शन होगा और हिस्सा संबंधित राज्यों को चला जाएगा। जेटली ने स्पष्ट किया कि जिन खाने-पीने की वस्तुओं पर अभी तक कोई टैक्स नहीं लगता है, उन्हें जीएसटी से अलग रखा जाएगा।
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