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'सामना' में कांग्रेस पर तंज: शिवसेना ने कहा- धर्मनिरपेक्षता  का मतलब था- हिंदुओं को लात मारना, मुस्लिमों को पुचकारना

Tue, 14 Dec 2021 11:21 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

शिवसेना ने तीखे अंदाज में लिखा, 'मुस्लिम व अजा-जजा वर्ग के मतों की भरपूर जमापूंजी जमींदारी का फल थी। इन्हीं मुस्लिम-दलितों की 'नकदी' के कारण कांग्रेस का महल
भव्य लगता था।
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संजय राउत - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस की जयपुर रैली में राहुल गांधी द्वारा हिंदू व हिंदुत्व में फर्क बताने के बाद जारी सियासी बवाल थम नहीं रहा है। अब इस बहस में शिवसेना ने तड़का लगाया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में महाराष्ट्र में अपनी गठबंधन सरकारी घटक कांग्रेस पर तीर चला दिया। शिवसेना ने सामना में कहा, 'धर्मनिरपेक्षता' का मतलब था-हिंदुओं को लात मारना और मुस्लिमों को पुचकारना'। 

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शिवसेना ने तीखे अंदाज में लिखा, 'मुस्लिम व अजा-जजा वर्ग के मतों की भरपूर जमापूंजी जमींदारी का फल थी। इन्हीं मुस्लिम-दलितों की 'नकदी' के कारण कांग्रेस का महल भव्य लगता था। आज ये दोनों खनकदार सिक्के कांग्रेस के हाथ से फिसल गए हैं। महाराष्ट्र के मुसलमान खुलकर शिवसेना को वोट देते हैं। वोट के लिए फालतू दुलार नहीं करने वाली शिवसेना को मुस्लिम समाज अपना मान रहे हैं, यह कांग्रेस जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी के लिए चिंतन का विषय है।'  

1947 में विभाजन के बाद बचा देश हिंदुओं का ही
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी की प्रमुख पार्टी शिवसेना ने कहा, '1947 में धर्म के नाम पर भारत का विभाजन हुआ। मुसलमानों के लिए उनके हक का पाकिस्तान तैयार किया गया। तब यह बचा देश हिंदुओं का ही है और हिंदुओं के लिए है, ऐसा माना गया तो इसमें क्या गलत है? परंतु सेकुलरवाद के नाम पर हिंदुओं के साथ उनके ही देश में सौतेला बर्ताव किया गया। शंकराचार्य की बजाए जामा मस्जिद के इमाम से ज्यादा घनिष्ठता बढ़ाने में सेकुलरवादियों को गर्व महसूस होता है। राम की तुलना में बाबर की भक्ति में शासकों के लीन होने पर लोगों के असंतोष का विस्फोट हुआ. कांग्रेस उसमें जलने लगी।
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मोदी सरकार की दृढता की तारीफ 
सामना के संपादकीय में मोदी सरकार की दृढ़ता की तारीफ करते हुए कहा गया है कि शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस ने पीडि़त मुस्लिम महिला के अधिकार को खारिज कर दिया। परंतु मोदी सरकार ने निडर होकर तुरंत तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को ढाढस दिया है। ऐसे साहसी निर्णय लेते समय हिंदू अथवा मुसलमान नहीं देखना चाहिए।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ एमवीए की प्रमुख घटक शिवसेना ने अपनी सहयोगी कांग्रेस पर लंबे समय बाद सीधा निशाना साधा है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ होने के बाद शिवसेना ने संभवत: पहली बार कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। 

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