टाटा ट्रस्ट महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में दो-दो कोविड-19 अस्पताल बनाने की तैयारी कर रहा है, जहां सिर्फ कोरोना संक्रमित रोगियों का ही इलाज किया जा सकेगा। इन अस्पतालों में जहां संक्रमितों की भर्ती की जा सकेगी वहीं, ओपीडी और टेली-मेडिसिन सुविधाएं भी होंगी। टाटा ट्रस्ट की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोविड-19 अस्पताल की सभी सुविधाएं स्थाई हैं। इसलिए तत्काल उद्देश्य पूरा होने के बाद भी इस अस्पताल में रोगियों का इलाज होता रहेगा।
यह अस्पताल सरकारी अस्पतालों की इमारतों को अपग्रेड कर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है जबकि डिजाइन एडिफिस कंसल्टेंट्स प्रा. लि. ने बनाया है। भारत में कोविड-19 की लड़ाई में मदद के लिए टाटा ट्रस्ट द्वारा की जा रही यह तीसरी मदद है।
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इस अस्पताल में महत्वपूर्ण देखभाल क्षमताओं के अलावा छोटा ऑपरेशन थिएटर, बुनियादी पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी, डायलिसिस, रक्तभंडारण सुविधाएं और टेलिमेडिसिन यूनिट्स होंगे। इन अस्पतालों के आधुनिकीकरण में टाटा ट्रस्ट द्वारा कैंसर के इलाज सुविधाओं को बनाने के उनके अनुभवों का उपयोग किया जा रहा है।
हाल ही में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतट टाटा ने कहा था कि कोविड-19 विपदा मानव जाति पर आई आज तक की कठिन चुनौतियों में से एक है। इसके खिलाफ लड़ने के लिए तत्काल आपातकालीन संसाधनों को तैनात करने की आवश्यकता है। समझा जा रहा है कि उनकी इस सोच के तहत टाटा ट्रस्ट ने यह कदम उठाया है।
यूपी के गौतमबुद्ध नगर और गोंडा में बनेगा अस्पताल
टाटा ट्रस्ट की ओर से उत्तर प्रदेश गे गौतमबुद्ध नगर और गोंडा में कोविड-19 अस्पताल बनाया जाएगा। गौतमबुद्ध नगर में 168 बेड और गोंडा में 106 बेड का अस्पताल होगा। यहां चार से छह सप्ताह में यानी 15 जून तक अस्पताल बनाकर कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र के सांगली (50 बेड) और बुलढ़ाणा (106 बेड) में कोविड-19 अस्पताल बनाया जा रहा है।