दिल्ली के एक शेल्टर होम से नौ लड़कियों के गायब हो जाने से महिला आयोग की कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच दिल्ली महिला आयोग ने 'कोशिश' नाम के एक संगठन से दिल्ली के सभी शेल्टर होम की स्वतंत्र जांच करने के लिए करार किया है।
कोशिश के अधिकारी किसी भी शेल्टर होम में गड़बड़ी पाने पर सीधे दिल्ली महिला आयोग को रिपोर्ट करेंगे। इसके बाद आयोग शेल्टर होम्स के खिलाफ सीधा कार्रवाई कर सकेगा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के निर्देश पर कोशिश के निदेशक मुहम्मद तारिक और महिला आयोग के बीच यह करार हुआ है। आयोग की जानकारी के मुताबिक यह करार नवंबर में ही हो चुका था।
कोशिश टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की एक यूनिट है। कोशिश ने ही बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में लड़कियों के साथ अमानवीय व्यवहार किये जाने की खबर उजागर की थी। जिसके बाद बिहार सरकार की एक मंत्री को जेल भी जाना पड़ा है।