बांग्लादेश लेखिका तसलीमा नसरीन का कहना है कि ‘कुछ बुरी घटनाओं’ के कारण भारत को असहिष्णु नहीं कहा जा सकता है। शनिवार को सीआईआई यंग इंडिया की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग इसमें शामिल हैं उन्हें अधिक समावेशी होने के बारे में ‘शिक्षित’ किया जाना चाहिए।
तसलीमा ने हाल में झारखंड में दो पशु व्यापारियों को मारकर लटकाने, पिछले साल दादरी में जलाने की घटना और तर्कवादी गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर और एमएम कलबुर्गी के हत्या की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘बीफ खाने पर या अलग विचारधारा रखने पर लोगों को मारना असहिष्णुता नहीं घृणित अपराध है।
मैं भारत के 1.24 अरब लोगों को असहिष्णु नहीं कहना चाहती हूं। हर जगह कुछ लोग असहिष्णु होते हैं।’ इस कार्यक्रम में पूर्व आईपीएस किरन बेदी, ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी व अन्य शामिल थे।