उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र या बिहार की तुलना में केरल बेशक छोटा राज्य हो लेकिन खाना-ए-काबा की जियारत (हजयात्रा) को वहां के बाशिंदों में जबरदस्त उत्साह है। हजयात्रा के लिए देशभर में केरल से सबसे अधिक आवेदन किए गए।
आवेदन करने में महाराष्ट्र दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर रहा। जबकि देश में सबसे कम पंद्रह आवेदन केंद्र शासित राज्य दादर और नगर हवेली से आए। सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला यूपी चौथे स्थान पर रहा।
सऊदी अरब हुकूमत से किए गए कोटे के मुताबिक देश से हर साल एक लाख 36 हजार बीस जायरीनों को हज करने का मौका मिलता है। इसमें से एक लाख बीस जायरीन हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिये हज पर जाते हैं। बाकी के छत्तीस हजार जायरीन निजी टूर आपरेटरों के जरिए जाते हैं।
इस बार आवेदन करने में केरल के मुसलमान सबसे आगे रहे हैं। केरल से हज के लिए 76,417 आवेदन आए। महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर रहा जहां से पचपन हजार से अधिक आवेदक आए। तीसरे नंबर पर रहे गुजरात से बावन हजार से अधिक फार्म भरे गए। यहां कोटे से पंद्रह गुना अधिक आवेदन आए। दूसरी तरफ बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में कोटे से भी कम आवेदन किए गए। इन राज्यों में कुर्रा डालने की नौबत भी नहीं आई।