मायावती ने आरोप लगाया कि केसीआर ने दलितों और गरीबों को तीन एकड़ जमीन देने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया। बसपा के अब तेलंगाना में मजबूत होने के साथ, केसीआर सरकार भीमराव अंबेडकर के नाम पर कुछ सरकारी स्थानों का नामकरण कर रही है।
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को कार्यकर्ताओं से तेलंगाना में सत्तारूढ़ बीआरएस सरकार को अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता से हटाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह राज्य में बसपा के नेतृत्व वाली सरकार बनाने की दिशा में प्रयास करें। मायावती ने यह भी घोषणा की कि यदि पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है तो पूर्व आईपीएस अधिकारी और बसपा तेलंगाना अध्यक्ष आर एस प्रवीण कुमार मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे।
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रविवार को तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव 2024 में अधिक से अधिक सांसद सीटें हासिल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। मायावती ने कहा, अब, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि तेलंगाना में इस मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर किया जाना चाहिए ... जो लोग संविधान को बदलने का सपना देख रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा को सत्ता में लाने के लिए काम करना होगा।
मायावती ने आरोप लगाया कि केसीआर ने दलितों और गरीबों को तीन एकड़ जमीन देने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया। बसपा के अब तेलंगाना में मजबूत होने के साथ, केसीआर सरकार भीमराव अंबेडकर के नाम पर कुछ सरकारी स्थानों का नामकरण कर रही है। यहां तक की अंबेडकर की प्रतिमा भी स्थापित कराई थी। इन सबका श्रेय तेलंगाना में बसपा को जाता है और उनके कारण पार्टी का जनाधार राज्य में बढ़ा है। बीआरएस सरकार डर गई है और यह सब कर रही है। बता दें कि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री राव ने संविधान निर्माता की हैदराबाद में 125 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा को 146.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
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कांग्रेस पर भी साधा निशाना
सत्तारूढ़ बीआरएस पर निशाना साधते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने लोगों से झांसे में न आने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि बसपा जो वादा करती है उसे पूरा करती है। पड़ोसी राज्य कर्नाटक में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के कांग्रेस के चुनावी वादे पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि यह अच्छा नहीं है और हमारी पार्टी इस तरह की सोच में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा, युवा मतदाताओं को लुभाने का फैशन बन गया है..जब भी चुनाव होते हैं चाहे वह संसद हो या विधानसभा चुनाव, कांग्रेस विशेष रूप से सत्ता में आने पर गरीब और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने के बजाय बड़े पैमाने पर गरीब और बेरोजगार युवाओं को आजीविका का साधन प्रदान किया था। भूमिहीन गरीबों को तीन एकड़ जमीन खेती के लिए दी गई।
उन्होंने कहा कि बसपा ने राज्य के गठन के आंदोलन के दौरान अलग तेलंगाना राज्य के गठन का समर्थन किया था। तेलंगाना बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आर एस प्रवीण कुमार और राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम इस कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी के अन्य नेताओं में शामिल थे।