तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक की सरकार ने राज्य के दशकों पुराने दो भाषा फॉर्मूला का समर्थन करते हुए नई शिक्षा नीति के तीन भाषा फॉर्मूला को मानने से इनकार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि वह मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति का तीन भाषा फॉर्मूला दुखदायी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन भाषा की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य दो भाषा की नीति का अनुसरण करता आ रहा है और उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। दरअसल द्रमुक सहित अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि सरकार को तीन भाषा फॉर्मूला को अस्वीकार करना चाहिए।