दो अगस्त को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 20,000 करोड़ रुपये की लागत से परंदूर में इसका निर्माण होगा।
तमिलनाडु के काचीपुरम में नए हवाई अड्डे के प्रस्ताव का भारी विरोध हो रहा है। खबर है कि इस हवाई अड्डे के खिलाफ 13 गांवों के 2000 लोग 17 अक्तूबर को सचिवालय तक भारी विरोध मार्च निकालेंगे। यह विरोध मार्च ऐसे समय पर होने जा रहा है, जब सोमवार से राज्य विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है।
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ग्रामीणों कहा कहना है कि उनका उद्देश्य सत्तारूढ़ द्रमुक व अन्य राजनीतिक दलों का ध्यान आकर्षित करना है। दरअसल, दो अगस्त को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 20,000 करोड़ रुपये की लागत से परंदूर में इसका निर्माण होगा, जिससे एक साल में 10 करोड़ लोग यात्रा कर सकेंगे।
13 गांवों की पंचायतों ने विरोध मार्च को दिया समर्थन
एक ग्रामीण ने बताया कि हवाई अड्डे के खिलाफ 13 गांवों की पंचायतों ने अपना समर्थन दिया है। 17 अक्तूबर को होने वाले मार्च में इन गांवों के 1500 से 2000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। हाल ही में हुई ग्राम सभा की बैठक के दौरान एकनापुरम गांव में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
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सरकार ने की भूमि अधिग्रहण की घोषणा
हवाई अड्डे का विरोध शुरू होने के तुरंत बाद राज्य सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि वह परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए ग्रामीणों को "बाजार मूल्य से अधिक" की पेशकश करेगी। एकनापुरम उन गांवों में से है, जहां अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर भूमि अधिग्रहण पर विचार किया जा रहा है।