बाल अधिकार संस्था एनसीपीसीआर ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को तलब किया है। उन्हें एक बिना पंजीकृत चाइल्डकेयर संस्थान में कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से धर्मांतरण और नाबालिग लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी करने के कारण स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया है।
चेन्नई के आईटी कॉरिडोर में बीती रात भीषण सड़क हादसे का मामला सामने आया। यहां एक तेज रफ्तार कार ने दो महिला सॉफ्टवेयर पेशेवरों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों महिलाओं की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मामले में एनसीपीसीआर ने गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव को फटकार लगाई है।
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तेज रफ्तार होंडा सिटी ने मारी टक्कर
सड़क हादसे में दो आईटी पेशेवर महिलाओं की मौत का मामला बीती रात का है। चेन्नई के आईटी कॉरिडोर में बुधवार करीब साढ़े ग्यारह बजे जब एचसीएल स्टेट स्ट्रीट सर्विस में एनालिस्ट के रूप में काम करने वाली एस लावण्या और आर लक्ष्मी घर वापस लौट रही थीं, तभी एक होंडा सिटी ने दोनों को टक्कर मार दी। पुलिस ने इस मामले में बताया कि घटना के समय चालक काफी तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। गाड़ी की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों में से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, दूसरी महिला की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। मृतक महिलाओं में लावण्या आंध्र प्रदेश के चित्तूर से और लक्ष्मी केरल के पलक्कड़ की रहने वाली थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तांबरम के सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) एमआर जीके कन्नन ने बताया कि घटना के बाद चालक मोतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि चालक मोतीश कुमार अपने पिता के साथ काम करता है। वे पेपर प्लेट बनाने का काम करते हैं।
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एनसीपीसीआर ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को किया तलब
बाल अधिकार संस्था एनसीपीसीआर ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को तलब किया है। उन्हें एक बिना पंजीकृत चाइल्डकेयर संस्थान में कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से धर्मांतरण और नाबालिग लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी करने के कारण स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया है।
दरअसल, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नौ सितंबर को संस्था के बारे में तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को एक शिकायत भेजी थी। आयोग ने इस शिकायत के बारे में कार्रवाई के बाद रिपोर्ट देने को भी कहा था। जिसके बाद जब एनसीपीसीआर को इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं मिली, तो एनसीपीसीआर ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव डॉ वी इराई अंबू को पत्र लिखकर तलब किया। पत्र में एनसीपीसीआर ने कहा कि इस मामले में आपके कार्यालय से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
आयोग ने उन्हें 20 सितंबर को दोपहर 3 बजे इस मामले में की गई कार्रवाई के विवरण के साथ वर्चुअल मोड के माध्यम से रिपोर्ट जमा करने के साथ ही देरी के कारणों को भी बताने के लिए कहा है।