मदपुरम कालीअम्मन मंदिर से एक भक्त की कार में चोरी के मामले में पूछताछ के लिए मंदिर के सुरक्षाकर्मी अजित कुमार (28) को हिरासत में लिया गया था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई।
तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में मंदिर के एक सुरक्षाकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने उसे एक कार चोरी के मामले में हिरासत में लिया गया। मामले में छह पुलिस अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एआईएडीएमके ने घटना को लेकर सवाल उठाए हैं।
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शिवगंगा जिले के एसपी आशीष रावत ने बताया कि मदपुरम कालीअम्मन मंदिर से एक भक्त की कार में चोरी के मामले में पूछताछ के लिए मंदिर के सुरक्षाकर्मी अजित कुमार (28) को हिरासत में लिया गया था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। अजित के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मौत का कारण प्राकृतिक नहीं है, बल्कि हिरासत के दौरान यातना है। इस संबंध में छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है । और जांच चल रही है।
मामले को लेकर एआईएडीएमके प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि यह हिरासत में मौत नहीं है। डीएमके के सत्ता में आने के बाद से यह हिरासत में हुई 25वीं हत्या है। मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजित कुमार और उनके भाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, उनके साथ क्रूरता की गई। अजित कुमार की मौत पुलिस थाने में ही पुलिस की बर्बरता के कारण हुई और क्रूरता से जुड़े सबूतों को छिपाया गया। जैसे प्लास्टिक पाइप, मिर्च पाउडर और लोहे की छड़ को घटनास्थल से हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि अजित कुमार से पूछताछ करने वाले पुलिस बल के संबंध में पूरा परिदृश्य कितना भयावह है? हम एक पारदर्शी जांच की उम्मीद करते हैं, लेकिन यह जानते हुए कि पिछली 24 हत्याओं में कोई प्रगति नहीं हुई है। यह डीएमके की ओर से एक और बड़ा कवर अप होगा, लेकिन निश्चित रूप से जो लोग इसके पीछे हैं उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके अजित कुमार और उनके परिवार को न्याय देने की मांग करती है।