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बच्चों के चुनावी इस्तेमाल का मामला: तमिलनाडु के सीएम विजय को हाईकोर्ट का नोटिस, 29 मई को अगली सुनवाई

Thu, 21 May 2026 07:46 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।

सार

लोकतंत्र में चुनावी जीत के लिए अपनाए गए हथकंडों को न्यायपालिका बर्दाश्त नहीं करेगी। बच्चों के राजनीतिक इस्तेमाल और चुनावी भ्रष्टाचार के आरोपों ने तमिलनाडु की नवनिर्वाचित विजय सरकार की नैतिक साख पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। 29 मई को होने वाली सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
 
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मद्रास हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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तमिलनाडु से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक सी जोसेफ विजय को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बच्चों के कथित दुरुपयोग और अन्य भ्रष्ट चुनावी तौर-तरीकों के मामले में की गई है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर यह कदम उठाया है।
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दिग्गज नेताओं को कोर्ट का नोटिस
न्यायमूर्ति जी आर स्वामीनाथन और न्यायमूर्ति वी लक्ष्मणन की अवकाशकालीन पीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को बेहद गंभीर माना है। अदालत ने न केवल मुख्यमंत्री विजय, बल्कि निर्वाचन आयोग, तमिलनाडु के मुख्य चुनावी अधिकारी, द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन और अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी को भी औपचारिक नोटिस थमाया है। यह याचिका कुड्डालोर जिले की अधिवक्ता एल वासुकी की ओर से दायर की गई है।

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बच्चों का इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के आरोप
याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया गया। इसमें विशेष रूप से टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी लाभ के लिए बच्चों का सहारा लिया ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। इसके साथ ही, याचिका में चुनाव के दौरान अन्य भ्रष्ट आचरणों का भी हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट की पीठ ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अगली सुनवाई के लिए 29 मई को सूचीबद्ध किया है।
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