स्टालिन ने शनिवार को केंद्र को पत्र लिखा और कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जवाब से संसद में यह धारणा बनी कि तमिलनाडु सरकार NHAI के साथ सहयोग नहीं कर रही है, जो सच नहीं है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शनिवार को केंद्र को पत्र लिखा और कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जवाब से संसद में यह धारणा बनी कि तमिलनाडु सरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ सहयोग नहीं कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण था। स्टालिन ने कहा कि यह सच नहीं है।
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी को पत्र लिखकर स्टालिन ने चेन्नई से रानीपेट (NH-4) तक मौजूदा सड़कमार्ग की स्थिति में सुधार के लिए ध्यान दिलाया है। बता दें, हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा सांसद दयानिधि मारन ने भी इस सड़कमार्ग में सुधार की ओर इशारा किया था।
ट्रेन से सफर करने की योजना बनानी पड़ी
उन्होंने कहा, 'यह खंड चेन्नई शहर और इसके बंदरगाहों से कांचीपुरम, वेल्लोर, रानीपेट, होसुर और कृष्णागिरी में औद्योगिक समूहों को महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि मुझे ट्रेन से कुछ जिलों की अपनी हाल की यात्राओं की योजना बनानी पड़ी।'
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बयान दुर्भाग्यपूर्ण था
आगे उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के संबंध में तमिलनाडु सरकार के कदमों का विवरण दिया और कहा कि सरकार द्वारा सभी ईमानदार प्रयास किए गए हैं। स्टालिन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि संसद में आपके जवाब में कहा गया कि राज्य सरकार एनएचएआई के साथ सहयोग नहीं कर रही थी। मुख्यमंत्री ने मदुरावोयल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए चेन्नई बंदरगाह का उल्लेख किया और कहा कि इसे हर संभव मदद देकर पुनर्जीवित किया गया है।