तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने सरकारी स्कूल की छात्रा से अंग्रेजी में बातचीत को लेकर हुए विवाद पर कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी छात्रा का अपमान करना नहीं था। मंत्री ने कहा कि वह खुद तमिल माध्यम के सरकारी स्कूल में पढ़ी हैं और छात्रों की चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं।
तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने सरकारी स्कूल की एक छात्रा से अंग्रेजी में बातचीत को लेकर उठे विवाद पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और उनका उद्देश्य किसी छात्रा का अपमान करना नहीं था।
यह विवाद विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास स्थित एक सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सामने आया। दौरे के दौरान मंत्री ने एक छात्रा से बातचीत की और एक शिक्षिका से उससे अंग्रेजी में सवाल पूछने के लिए कहा। छात्रा जवाब नहीं दे सकी, जिसके बाद मंत्री की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन पर छात्रा को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने का आरोप लगाया।
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विवाद बढ़ने पर कीर्तना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है और सरकारी स्कूलों तथा तमिल माध्यम के छात्रों को लेकर गलत संदेश फैलाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि वह स्वयं सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम से पढ़ी हैं। इसलिए वह ऐसे छात्रों की परिस्थितियों और चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम शुरू करने के दौरान उन्हें भी अंग्रेजी भाषा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, लेकिन लगातार अभ्यास से उन्होंने अपनी भाषा पर पकड़ मजबूत की।
मंत्री कीर्तना ने कहा कि अंग्रेजी सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है और इसमें कोई शर्म की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव तमिलनाडु के लाखों सरकारी स्कूलों के छात्रों से मेल खाते हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी घटना का आकलन अधूरी वीडियो क्लिप या राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर न करें। साथ ही कहा कि उनके बयान का मकसद छात्रों को प्रोत्साहित करना था, न कि उनका मनोबल गिराना।