डी जयकुमार, तमिलनाडु सरकार के मंत्री (फोटो साभार : एएनआई)
तमिलनाडु में आए चक्रवात बुरेवी के चलते हुई भारी बारिश हुई, जिससे सैकड़ों गांव डूब गए हैं। इस बीच सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। तमिलनाडु सरकार में मंत्री डी जयकुमार और ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन कमिश्नर जी प्रकाश ने रविवार को चेन्नई के बाढ़ प्रभावित इलाके में भोजन वितरित किया।
इस दौरान डी जयकुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय लोगों के लिए अम्मा कैंटीन बेहद मददगार है। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की बाढ़ प्रभावितों को मुफ्त भोजन वितरित करने की घोषणा के 12 घंटे के भीतर 11 लाख लोगों को भोजन मुहैया कराया गया। बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों के लिए 13 दिसंबर तक मुफ्त भोजन मुहैया कराया जाएगा।
सात लोगों की मौत
तमिलनाडु में आए चक्रवात बुरेवी के चलते हुई भारी बारिश के कारण सात लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों गांव भी डूब गए हैं। कुड्डालोर जिले में लगभग 300 गांवों में बाढ़ आ गई है, जबकि रामनाथपुरम जिले में रामेश्वरम के बड़े हिस्से में बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे की घोषणा की :
मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने मरने वाले लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये की राहत देने की घोषणा की है। साथ ही घरों और मवेशियों के नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार ने कहा कि वह प्रत्येक गाय के नुकसान के लिए 30,000 रुपये देगा और 16,000 रुपये प्रति बछड़े और 3,000 रुपये प्रति बकरी का भुगतान करेगा।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा कि राहत और बहाली का काम "युद्धस्तर" पर चल रहा है और मंत्रियों को प्रभावित जिलों में पुनर्वास के लिए तैनात किया गया है। हालांकि, बुरेवी तूफान के चलते बेहद भारी बारिश और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। यह कम दबाव में कमजोर हो गया है, जो मन्नार क्षेत्र की खाड़ी में स्थिर बना हुआ है। फिर भी, तटीय और दक्षिणी तमिलनाडु में भारी वर्षा जारी है।