तमिलनाडु के खेल और युवा कल्याण मंत्री बालकृष्ण रेड्डी को 20 साल पुराने दंगा मामले में 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष अदालत ने यह फैसला 1998 में होसूर में अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में सुनाया। रेड्डी उस वक्त भाजपा सदस्य थे। कोर्ट के फैसले के बाद रेड्डी ने के पलानीस्वामी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।
विशेष जज ने मंत्री के वकील की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें मद्रास हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने तक उनकी सजा पर अमल पर रोक की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में रेड्डी के अलावा 14 अन्य दोषियों को भी तीन साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। मंत्री समेत सभी दोषी कोर्ट में मौजूद थे।
कोर्ट के बाहर मंत्री ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि 1998 में अवैध शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसके चलते उन लोगों ने सड़क जाम की थी और इसके लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।