तमिलनाडु के मदुरई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां रविवार को मदुरई के सरकारी राजाजी अस्पताल में हाईटेंशन का माहौल रहा, जब 26 वर्षीय युवक आकाश डेलिसन की न्यायिक हिरासत में मौत हो गई। मृतक को मनामदुरई पुलिस ने शुक्रवार को जायन नगर में हुए सिकल हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, अक्षय के पैर में गिरने से फ्रैक्चर हुआ था, जब वह गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे 18 मार्च तक रिमांड पर भेजा और इलाज के लिए राजाजी अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती किया गया। रविवार सुबह उसकी सांस लेने में दिक्कत हुई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
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मृतक के माता-पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
हालांकि दूसरी ओर मृतक के माता-पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अक्षय को एक जंगल में ले जाकर पत्थरों से मार-मारकर उसकी हड्डियां तोड़ दीं और जातिवादी गालियां दीं। माता ने दावा किया कि पुलिस ने पहले भी परिवार को धमकी दी थी कि अगर तुम्हारा बेटा हमारे हाथ लगेगा, तो हम उसे मार देंगे।
परिवार का शव लेने से इनकार
इतना ही नहीं मृतक अक्षय की मौत के बाद परिवार ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है और मांग की है कि इस मामले में वीसीके के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें। इसी बीच, मानवाधिकार कार्यकर्ता हेनरी टिफाग्ने ने वीडियो बयान में इस पुलिस बर्बरता की निंदा की और कहा कि यह 26वां कस्टोडियल डैथ है।
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घटना के इलाके में तनाव
घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है, खासकर हाल ही में उसी पुलिस क्षेत्र में मंदिर के पुजारी अजीत कुमार की हत्या के बाद। मदुरई अस्पताल के शव गृह के बाहर भारी पुलिस तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारी परिवार और समुदाय के नेताओं से वार्ता कर विरोध को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। शव फिलहाल अस्पताल के मोर्चुअल में सुरक्षित रखा गया है और मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच शुरू की जाएगी।
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