तमिलनाडु में एक दलित आईटी इंजीनियर की कथित ऑनर किलिंग से राज्य में आक्रोश फैल गया है। युवा इंजीनियर की हत्या से हर कोई स्तब्ध है। इस विभत्स घटना के सामने आने के बाद सत्तारूढ़ डीएमके की सहयोगी पार्टियों ने मंगलवार को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक अलग कानून की मांग की है।
सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी शन्मुगम ने भी ऑनर किलिंग रोकने के लिए अलग कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में विशेष रूप से दक्षिणी जिलों में ऐसे जातीय हत्याओं का होना चिंताजनक है। राज्य सरकार का कहना है कि मौजूदा आपराधिक कानून पर्याप्त हैं, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं यह दर्शाती हैं कि एक नए कानून की आवश्यकता है। उन्होंने कविन के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी एस. सुरजीत को 28 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी के माता-पिता सरवनन और कृष्णकुमारी दोनों पुलिस उप-निरीक्षक (एसआई) हैं। घटना के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कविन सेल्व गणेश के घर जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की और राहत राशि देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। वे अपने बेटे की हत्या के लिए एसआई दंपति की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि एसआई दंपति और उनके बेटे सुरजीत के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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