सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सांसद शशिकला पुष्पा और उनके परिवार केसदस्यों की गिरफ्तारी पर छह हफ्ते तक के लिए रोक लगा दी है।
नौकरानी ने शशिकला और उसके परिवार पर यौन प्रताडना का आरोप लगाया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर तमिलनाडु सरकार की तत्परता पर सवाल भी उठाए।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने तमिलनाडु सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा आखिर आप महिला सांसद को गिरफ्तार क्यों करना चाहते हैं।
वह भागी तो नहीं जा रही हैं। आप अग्रिम जमानत याचिका का विरोध कर रहे हैं, इससे लगता है कि जो आंखों से दिख रहा है उससे अलग भी कोई बात है।
महिला सांसद शशिकला का कहना है कि उनकेखिलाफ दर्ज मामला उनकी उस शिकायत के विरोध में है जिसमें उन्होंने अपनी नेता(जयललिता) द्वारा थप्पड़ जडने की बात कही थी। उनका यह भी कहना है कि उनकी जान को भी खतरा है।