तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिला आरक्षण के मुद्दे को विपक्ष के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, पीएम की यह चाल अब उन्हीं पर उल्टी पड़ गई है। स्टालिन ने रविवार को होसुर में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसे पीएम का संबोधन कहने के बजाय भाजपा नेता मोदी का राजनीतिक भाषण कहना ज्यादा उचित होगा। उन्होंने पीएम के भाषण को आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया।
स्टालिन बोले- दक्षिणी राज्यों में भारी नाराजगी है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में द्रमुक अध्यक्ष ने दावा किया कि संसद में संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सरकार को मिली चुनौती से प्रधानमंत्री तनाव में हैं। मोदी को लगा था कि चुनाव के समय परिसीमन विधेयक लाने पर द्रमुक का ध्यान इस ओर नहीं जाएगा। लेकिन इसका नतीजा पूरी तरह विपरीत रहा और सरकार की रणनीति विफल हो गई। स्टालिन ने कहा, दक्षिणी राज्यों की जनता में भारी आक्रोश है और एनडीए की करारी हार पक्की है।
खरगे का आरोप- वोट बांटकर शासन करना चाहता है एनडीए गठबंधन
वहीं, खरगे ने कहा कि विपक्ष महिलाओं को आरक्षण देने का विरोधी नहीं, बल्कि प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ है क्योंकि इसका उद्देश्य वोटों को बांटकर शासन करना है। इसे राजनीतिक लाभ के लिए गलत तरीके से महिला आरक्षण उपाय के रूप में पेश किया जा रहा है। इसके पीछे उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना नहीं है। खरगे ने कहा कि सरकार विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए मनमाने ढंग से निर्वाचन क्षेत्रों में बदलाव करना चाहती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे चुनावी मुद्दा बताते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार देने में देरी क्यों हो रही है।
खरगे ने परिसीमन पर सवाल उठाए?
खरगे ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन का मकसद चुनावी क्षेत्रों को बदलकर विपक्ष के वोट बैंक को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि इसे महिला आरक्षण के नाम पर पेश किया गया, जबकि असल में यह वोटों को बांटने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के हित में नहीं है।
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कांग्रेस और गठबंधन का रुख क्या?
खरगे ने साफ कहा कि कांग्रेस महिलाओं, लोकतंत्र और समानता के पक्ष में है। उन्होंने एक-तिहाई महिला आरक्षण का समर्थन दोहराया और कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और राज्य के सांसदों की भी तारीफ की।
पीएम मोदी पर और क्या आरोप लगाए?
खरगे ने प्रधानमंत्री पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार, महंगाई और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर भी वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने नोटबंदी और अन्य फैसलों को भी असफल बताया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि डीएमके, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे इस गठबंधन को समर्थन दें। खरगे ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और समानता की रक्षा के लिए है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं और नतीजे 4 मई को आएंगे। ऐसे में महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन गया है।
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