एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सेंगोट्टइयान ने पार्टी के नेता ई पलानीस्वामी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 10 दिनों के भीतर पार्टी नेताओं की एकजुटता पर फैसला नहीं किया गया तो वे समान सोच वाले नेताओं के साथ मिलकर निष्कासित नेताओं को वापस लाएंगे।
तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके में एकजुटता की कोशिशें तेज हो गई हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केए सेंगोट्टइयान ने पार्टी के नेता पलानीस्वामी को अल्टीमेटम दिया है कि वे 10 दिनों के भीतर पार्टी से निष्कासित नेताओं को फिर से पार्टी में शामिल करने का फैसला करें। पार्टी से निष्कासित चल रहीं शीर्ष नेता शशिकला ने भी सेंगोट्टइयान की पहल का समर्थन किया है।
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एआईएडीएमके नेता का पार्टी नेतृत्व को अल्टीमेटम
इरोड में एआईएडीएमके पार्टी के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सेंगोट्टइयान ने पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कहा कि अब समय आ गया है, जिन नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया, उन्हें माफ कर दिया जाए और उन्हें फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि 2026 के चुनाव में पार्टी तभी जीत सकती है, जब वह एकजुट रहेगी। एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता सेंगोट्टइयान ने पार्टी के नेता ई पलानीस्वामी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 10 दिनों के भीतर पार्टी नेताओं की एकजुटता पर फैसला नहीं किया गया तो वे समान सोच वाले नेताओं के साथ मिलकर निष्कासित नेताओं को वापस लाएंगे। सेंगोट्टइयान के बयान से ऐसे संकेत मिले हैं कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे अलग मोर्चा बना सकते हैं।
शशिकला ने भी किया समर्थन
उल्लेखनीय है कि पार्टी की करिश्माई नेता जे जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके पार्टी में भारी टूट हुई है और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जैसे ओ पनीरसेल्वम, टीटीवी दिनाकरण, शशिकला आदि को विभिन्न कारणों से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। पार्टी से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने भी सेंगोट्टइयन का समर्थन किया और कहा कि, 'अन्नाद्रमुक, की स्थापना क्रांतिकारी नेता एमजीआर ने महान आंदोलन के रूप में की थी और क्रांतिकारी नेता अम्मा (जयललिता) ने इसे आगे बढ़ाया। यह आंदोलन पूरी तरह से गरीबों, वंचितों और आम लोगों की भलाई पर आधारित था। जैसा कि अम्मा ने कहा था, '100 साल बाद भी, यह आंदोलन जनता के लिए काम करता रहेगा'। हमारे वरिष्ठ नेता और पार्टी विधायक सेंगोट्टइयन ने साबित कर दिया है कि अन्नाद्रमुक एक अविनाशी शक्ति है जिसे कोई भी ताकत इसे नहीं मिटा सकती। कई कठिन परिस्थितियों में भी वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। उन्होंने दिखाया है कि उनकी रगों में जो खून दौड़ता है वह अन्नाद्रमुक का खून है। एकता का उनका आह्वान अब पार्टी के हर कार्यकर्ता और वास्तव में, तमिलनाडु की जनता की आवाज है।'