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तमिलनाडु में जातिगत भेदभाव की हद: दलितों को पैरों में गिराया, शव दफनाने से भी रोका; क्या है पूरा मामला?

Sat, 10 Oct 2026 12:29 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, पेरुनदुरई।

सार

तमिलनाडु के इरोड जिले के पेरुमपल्ली गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि प्रभावशाली जाति के लोगों ने दो दलितों को पैरों में गिरने के लिए मजबूर किया और रोजगार बंद कराने की धमकी दी। राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया है। बुजुर्ग का अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा में कराया गया और मामले की जांच जारी है।
 
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तमिलनाडु दलित विवाद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु के इरोड जिले के पेरुंदुरई के पास पेरुमपल्ली गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रभावशाली जाति के लोगों ने दलित समुदाय के दो लोगों को अपने पैरों में गिरने के लिए मजबूर किया। घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस ने शनिवार, 10 अक्तूबर को इस घटना की जानकारी दी।
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विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, पांच अक्तूबर को उम्र संबंधी बीमारियों के कारण 90 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इसके बाद अनुसूचित जाति समुदाय के लोग उनके शव को दफनाने के लिए लेकर पहुंचे। इसी दौरान प्रभावशाली समुदाय के कुछ लोगों ने कथित तौर पर शव दफनाने की प्रक्रिया रोक दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और कहासुनी होने लगी।

दलितों को पैरों में गिरने के लिए क्यों मजबूर किया गया?
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान प्रभावशाली समुदाय के लोगों ने दलित ग्रामीणों को धमकी दी कि उन्हें इलाके में आगे रोजगार नहीं मिल सकेगा। यानी उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने और रोजगार से वंचित करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसी दबाव के बीच दलित समुदाय के दो लोगों को दूसरे समुदाय के लोगों के पैरों में गिरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
  • पांच अक्तूबर को 90 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। दलित समुदाय के लोग शव को दफनाने पहुंचे थे, लेकिन आरोप है कि प्रभावशाली समुदाय के कुछ लोगों ने उन्हें रोक दिया।
  • विवाद के दौरान इलाके में रोजगार नहीं मिलने की धमकी दी गई। इसके बाद दो दलितों को पैरों में गिरने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप है। घटना का कथित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।
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पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पेरुंदुरई के राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर थिंगलूर पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात मामला दर्ज किया। दो लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कैसे हुआ?
विवाद के बावजूद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार आखिरकार पुलिस सुरक्षा में कराया गया। इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना इलाके में पहले से मौजूद जातिगत भेदभाव का नतीजा हो सकती है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है।
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