अन्नाद्रमुक में पिछले कई महीनों से चला आ रहा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पन्नीरसेल्वम और पलानीसामी गुटों के एक हो जाने के बाद भी पार्टी के अंदर का विवाद खत्म नहीं हो रहा है। दोनों धड़ों में विलय के बाद अम्मा गुट के उप-महासचिव दिनाकरन ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए राज्य सरकार के चार मंत्रियों को पार्टी के पदों से बर्खास्त कर दिया है।
दिनाकरन ने अपने गुट के 19 विधायकों को पार्टी से अलग करके उन सभी को पुडुचेरी के रिजॉर्ट में ठहराया है। दिनाकरन ने कहा कि उन्होंने उदयकुमार, वीरामणि, विजयभास्कर और आर कामराज को उनके पदों से मुक्त कर दिया है।
ये चारों विधायक एआईडीएम सरकार में विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। इनके स्थान पर अपने करीबी सेंथिल बालाजी और विधायक मारियप्पन कैनेडी को नया कार्यभार दिया है।
पार्टी और सरकार को टूटने से बचाने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी और उप मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मदद मांगी है।
एआईडीएमके पहले दो धड़ों में बटा था। अब जबकि पलानीसामी और पन्नीरसेल्वम एक हो गए हैं, तो दिनाकरन गुट अलग बनकर उभर रहा है। इससे पार्टी के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दिनाकरन के साथ 19 विधायक होने से राज्य सरकार अल्पमत में आ गई है।