तमिलनाडु कांग्रे के अध्यक्ष के एस अलागिरी ने पोस्टिंग को लेकर पार्टी मुख्यालय में हंगामे के बाद एक बैठक में 'असंसदीय' शब्दों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के सेल्वापेरुनथगई ने उनपर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयान से पार्टी कार्यकर्ता उनसे असंतुष्ट हैं। सेल्वापेरुनथगाई ने एक साक्षात्कार में पीटीआई को बताया कि तमिलनाडु में पार्टी एक नए नेता का इंतजार कर रही है और राज्य पार्टी इकाई के नेतृत्व में जल्द ही बदलाव की संभावना है।
सेल्वापेरुनथंगई ने लगाए आरोप
तमिलनाडु में कांग्रेस विधायक दल के नेता सेल्वापेरुनथंगई ने कहा कि पिछले महीने तिरुनेलवेली के पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी द्वारा क्षेत्रीय स्तर की गयीं दो नियुक्तियों का विरोध किया था और दावा किया था कि ये दोनों ही अपात्र हैं तथा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। प्रदर्शन के रूप में शुरू हुईं चीजें बाद में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में तब्दील हो गईं। दोनों गुट मनोहरन एवं अलागिरि के समर्थकों के गुट के रूप में देखे जा रहे हैं। इसके बाद इस मुद्दे का हल करने के लिए पार्टी मुख्यालय में शीर्ष नेताओं की एक बैठक हुई थी। उस बैठक में भाग ले चुके सेल्वापेरुनथंगई ने कहा कि अलागिरि ने प्रदेश कांग्रेस मामलों के प्रभारी केंद्रीय कांग्रेस नेताओं-दिनेश गुंडूराव और शिरिवेला प्रसाद की उपस्थिति में ‘असंसदीय’ शब्दों का इस्तेमाल किया और वह बैठक से चले गए।
मैं प्रदेश अध्यक्ष की रेस में नहीं: सेल्वापेरुनथंगई
श्रीपेरुम्बदुर से विधायक सेल्वापेरुनथंगई ने कहा कि वह प्रदेश में पार्टी के शीर्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आलाकमान द्वारा उम्मीदवारों की सूची बनाए जाने की पार्टी के अंदर चल रही चर्चा के बारे उन्होंने कहा कि जो सप्ताह में सातों दिन और चौबीसों घंटे काम कर सके तथा पूरे समर्पण भाव से पार्टी की अगुवाई कर सके एवं भाजपा की फासीवादी नीतियों का डटकर मुकाबला कर सके, केवल उसके ही तमिलनाडु कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावना है।