तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने नीट के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले करीब 1,800 लोगों को राहत देने का फैसला किया है। उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज 65 आपराधिक मामले वापस लेने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
65 मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश
तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में नीट विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ 65 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में करीब 1,800 लोग आरोपी हैं। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों को वापस लेने के लिए तत्काल जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
मई से जुलाई के बीच दर्ज मामलों की हुई समीक्षा
सरकार ने बताया कि इस साल 10 मई से 31 जुलाई के बीच नीट विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की स्थिति मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई गई थी। इसके बाद उनके निर्देश पर मामले वापस लेने का फैसला किया गया। सरकारी बयान के अनुसार, ये मामले फिलहाल अलग-अलग चरणों में लंबित हैं। इन्हें वापस लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
दिवाली से पहले तमिलनाडु के सरकारी कर्मचारियों को तोहफा
वहीं, मुख्यमंत्री विजय ने दिवाली से पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशन पाने वालों को राहत दी है। उन्होंने महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान किया है। इसके बाद महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। सरकार के इस फैसले से करीब 16 लाख कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशन पाने वालों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को फायदा मिलेगा। इससे सरकारी खजाने पर हर साल करीब 1,858 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस फैसले से कर्मचारी और पेंशन पाने वाले दिवाली का त्योहार खुशी से मना सकेंगे। मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार के फैसले की समीक्षा करने के बाद राज्य कर्मचारियों के लिए भी महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया है। तमिलनाडु सरकार ने इसी के अनुरूप अपने कर्मचारियों और शिक्षकों को भी बढ़ोतरी का लाभ देने का फैसला किया है।