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गृहमंत्री अमित शाह से मिले CM विजय: पहली बार हुई दोनों नेताओं की मुलाकात; दक्षिण के मुख्यमंत्रियों की बैठक आज

Thu, 20 Aug 2026 10:35 AM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, चेन्नई

सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात गुरुवार को चेन्नई के पास होने वाली दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले हुई। इस बैठक में राज्यों के बीच आपसी मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के कई अहम विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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अमित शाह से मिले तमिलनाडु CM विजय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात चेन्नई के पास होने वाली सदर्न जोनल काउंसिल की 31वीं बैठक से पहले हुई। बैठक में दक्षिणी राज्यों के बीच नदी जल विवाद, आपसी समन्वय और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद अमित शाह महाबलीपुरम के ऐतिहासिक शोर मंदिर का दौरा करेंगे।

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कोवलम में होगी सदर्न जोनल काउंसिल की बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चेन्नई के बाहरी इलाके कोवलम स्थित समुद्र तट के पास बने एक रिसॉर्ट में 'सदर्न जोनल काउंसिल' (दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद) की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में दक्षिण भारत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन होगा।

कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री के अलावा कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और केरल के विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन भी शामिल होंगे।
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मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की शाह से पहली मुलाकात
बुधवार रात मुख्यमंत्री विजय ने अमित शाह से मुलाकात की। अधिकारियों ने इसे 'शिष्टाचार भेंट' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद विजय और शाह की यह पहली मुलाकात थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विजय के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।

बैठक के बाद महाबलीपुरम जाएंगे अमित शाह
सदर्न जोनल काउंसिल की बैठक खत्म होने के बाद अमित शाह महाबलीपुरम जाएंगे। यहां वह प्राचीन शोर मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। यह मंदिर परिसर तमिलनाडु की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में है परिषद का दायरा?
सदर्न जोनल काउंसिल में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप भी इस परिषद का हिस्सा हैं।

केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय का मंच
केंद्र सरकार के मुताबिक, क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और सदस्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी मुद्दों और विवादों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मंच का काम करती हैं। इन बैठकों का उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और साझा समस्याओं का समाधान तलाशना है।

नदी जल बंटवारे के विवाद भी अहम मुद्दा
दक्षिणी राज्यों के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय से कई विवाद चल रहे हैं। इनमें कर्नाटक और तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु और केरल के बीच जल विवाद प्रमुख हैं। ऐसे में क्षेत्रीय परिषद की बैठक इन मुद्दों पर बातचीत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी होगी चर्चा
केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि सदर्न जोनल काउंसिल की बैठकों में केवल राज्यों से जुड़े स्थानीय या क्षेत्रीय मुद्दों पर ही चर्चा नहीं होती, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के व्यापक विषयों को भी चर्चा के एजेंडे में शामिल किया जाता है।

महाबलीपुरम का समुद्री इतिहास रहा है बेहद समृद्ध
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, महाबलीपुरम को 'ममल्ला का शहर' भी कहा जाता है। प्राचीन काल में यह एक महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह था। पेरिप्लस और टॉलेमी के विवरणों में भी इस बंदरगाह का उल्लेख मिलता है। टॉलेमी ने करीब 140 ईस्वी के आसपास इसके बारे में जानकारी दी थी। माना जाता है कि कई भारतीय व्यापारी और समुद्री यात्री इसी बंदरगाह शहर से दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर रवाना होते थे।

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पल्लव काल में शुरू हुई स्थापत्य गतिविधियां
संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करने वाले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मुताबिक, महाबलीपुरम में महेंद्रवर्मन प्रथम के शासनकाल, यानी 600 से 630 ईस्वी के दौरान वास्तुकला से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण भी मिलते हैं। बाद के पल्लव शासकों के दौर में यहां विकसित हुई स्थापत्य कला ने महाबलीपुरम को भारत की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर स्थलों में शामिल कर दिया।

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