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चेन्नई के जल संकट पर विजय की पहल: नायडू से अतिरिक्त पानी मांगा; क्या गोदावरी-कावेरी परियोजना बनेगी गेमचेंजर?

Wed, 14 Oct 2026 01:36 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, चेन्नई/अमरावती

सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अमरावती में चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात कर चेन्नई के लिए कृष्णा नदी से अतिरिक्त पानी मांगा। दोनों नेताओं ने गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना पर भी चर्चा की। चेन्नई के जलाशयों में कितना पानी बचा है? आइए, जानते हैं...
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विजय की चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात - फोटो : PTI
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से अमरावती में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चेन्नई की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए कृष्णा नदी से अतिरिक्त पानी छोड़ने का अनुरोध किया। दोनों नेताओं ने गोदावरी और कावेरी नदियों को जोड़ने की प्रस्तावित परियोजना पर भी चर्चा की।

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तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, विजय ने बताया कि राज्य सतही जल संसाधनों की कमी से जूझ रहा है और अपनी पानी की जरूरतों के 30 प्रतिशत से अधिक के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना से दक्षिण भारत के राज्यों को लाभ मिल सकता है। इससे खेती को मदद मिलेगी और पीने के पानी की उपलब्धता मजबूत होगी।

चेन्नई के जलाशयों में करीब 35 प्रतिशत पानी
विजय ने चंद्रबाबू नायडू को बताया कि चेन्नई की जल सुरक्षा के लिए कृष्णा नदी से मिलने वाला पानी महत्वपूर्ण है। फिलहाल शहर के पांच जलाशयों में उनकी कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले करीब 35 प्रतिशत पानी ही उपलब्ध है। ऐसे में उन्होंने आंध्र प्रदेश से अतिरिक्त पानी छोड़ने का आग्रह किया।
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चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि पानी की उपलब्धता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पानी छोड़ने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने चेन्नई की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश की प्रतिबद्धता भी दोहराई। नायडू के मुताबिक, इस साल अल नीनो के प्रभाव के कारण कृष्णा नदी में पानी की आवक कम हुई है, जिससे जल संकट बढ़ा है। इसके बावजूद आंध्र प्रदेश अब तक चेन्नई के लिए 4.08 टीएमसी पानी छोड़ चुका है।

गोदावरी-कावेरी को जोड़ने की परियोजना पर जोर
दोनों मुख्यमंत्रियों ने गोदावरी और कावेरी नदियों को जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की। नायडू ने नदी जोड़ो परियोजना को सूखे की समस्या का स्थायी समाधान बताया। विजय ने भी कहा कि इस परियोजना से दक्षिण भारत के राज्यों को फायदा हो सकता है।

विजय ने नायडू को बताया कि वह इस परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले ही अनुरोध कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि नदी जोड़ने की योजना से कृषि और पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। नायडू ने गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और पेन्ना नदियों को जोड़ने की संभावना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, ऐसी परियोजना से दक्षिण भारत के चार राज्यों को लाभ पहुंच सकता है।

विजय के आंध्र प्रदेश दौरे पर विजयवाड़ा उत्सव में भी हुए शामिल
बैठक के बाद विजय और चंद्रबाबू नायडू विजयवाड़ा उत्सव 2.0 में शामिल हुए। यह कार्यक्रम पुन्नमी घाट पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का विजयवाड़ा का यह पहला दौरा था। नायडू ने उनका स्वागत किया और तमिलनाडु के विकास को लेकर उनके लक्ष्य की सराहना की। नायडू ने देश के युवाओं पर भरोसा जताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने 2047 तक भारत के दुनिया का अग्रणी देश बनने की उम्मीद व्यक्त की।

विजय ने नवरात्रि उत्सव में शामिल होने पर खुशी जताई और लोगों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वह चंद्रबाबू नायडू के साथ नदी जोड़ो परियोजना पर चर्चा करने के लिए विजयवाड़ा आए थे।

कनक दुर्गा मंदिर में किए दर्शन
अपने आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान विजय ने विजयवाड़ा स्थित श्री कनक दुर्गा मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मेजबानी के लिए चंद्रबाबू नायडू और आंध्र प्रदेश के लोगों का आभार जताया। इस मुलाकात में तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री एन. आनंद, लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन और आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश, पोंगुरु नारायण सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दौरा पूरा करने के बाद विजय मंगलवार रात चेन्नई लौट गए।

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