तमिलनाडु में लगातार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तटीय और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को कहा। राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
तमिलनाडु में लगातार हो रही बारिश के बीच मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को राज्य के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि तटीय और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। मौसम विभाग ने आगामी 21 और 22 अक्तूबर को भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
चेन्नई स्थित राज्य आपात संचालन केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टालिन ने सभी जिला कलेक्टरों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पूर्वोत्तर मानसून से निपटने की तैयारियों और अब तक हुए नुकसान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
कई जिलों में भारी बारिश
राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, 16 से 18 अक्तूबर के बीच कन्याकुमारी, तेनकासी, विरुधुनगर, रामनाथपुरम, थेनी, कोयंबटूर और नीलगिरी जिलों में औसतन 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश किसानों ने अपनी कटी हुई धान की फसल को पहले ही सुरक्षित रूप से गोदामों में रख दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों से धान की बोरियों को जल्द से जल्द गोदामों तक पहुंचाया जाए।
राहत शिविरों की तैयारियां
स्टालिन ने कहा कि बारिश की तीव्रता चाहे जितनी भी हो, सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर बारिश से जनजीवन प्रभावित होता है तो राहत शिविरों को तत्काल सक्रिय कर दिया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों की फसल खरीद प्रक्रिया किसी भी हालत में बाधित न हो।
मुख्य सचिव ने दी राहत कार्यों की जानकारी
मुख्य सचिव एन.ए. मुरुगनंदम ने बैठक में बताया कि राज्य के सभी प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। सभी विभागों को एक समन्वित रणनीति के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। तमिलनाडु सरकार ने साफ किया है कि मौसम की किसी भी चुनौती से निपटने में प्रशासन पूरी तरह सक्षम है। लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सरकारी सहायता केंद्रों से संपर्क करने की अपील की गई है।