प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जय ललिता की मुलाकात में जीएसटी पर बात बन गई है। जयललिता ने जीएसटी में तमिलनाडु के हितों के मद्देनजर संशोधन के सुझाव दिए हैं। प्रधानमंत्री ने जुलाई में होने वाली राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक से पहले इन मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया है। मोदी ने जयललिता के समक्ष एनडीए में शामिल होने का भी प्रस्ताव रखा है। राज्यसभा में एआईडीएमके के 13 सदस्य हैं। केंद्र सरकार कांग्रेस की मदद के बगैर जीएसटी बिल पारित कराना चाहती है। इसमें जयललिता की भूमिका अहम हो सकती है।
गौरतलब है कि कोलकाता में वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में तमिलनाडु की ओर से बिल पर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। अन्य राज्यों ने इस मुद्दे पर केंद्र से सहमति दिखाई। प्रधानमंत्री को सौंपे जयललिता के 96 पेज के 29 सूत्री ज्ञापन में भी जीएसटी पर तमिलनाडु की आशंकाएं शामिल हैं। जयललिता ने पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी से बाहर रखने पर जोर दिया है। उन्होंने ऐसे प्रावधानों पर भी जोर दिया ताकि जीएसटी के लागू होने से तमिलनाडु को नुकसान नहीं हो। उन्होंने संभावित नुकसान की भरपाई की भी मांग की है।