द्रौपदी अम्मन मंदिर में उत्सव के दौरान फोड़ने के लिए एक दोपहिया वाहन पर बोरी में भरकर ले जाए जा रहे पटाखों के बंडल में शुक्रवार रात को कंजनाइकेनपट्टी गांव के पूसारीपट्टी बस स्टैंड के पास आग लग गई और वह फट गया। हादसे में दो नाबालिग समेत चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि चौथे की अस्पताल में मौत हुई।
तमिलनाडु के सेलम जिले के कंजनाइकेनपट्टी गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। गांव के मंदिर उत्सव के लिए बाइक पर पटाखों से भरी बोरी ले जाते वक्त अचानक विस्फोट हो गया। हादसे में दो नाबालिग समेत चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि चौथे की अस्पताल में मौत हुई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चार लोगों की मौत पर शोक जताया है। साथ ही प्रभावित परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
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पुलिस ने बताया कि द्रौपदी अम्मन मंदिर में उत्सव के दौरान फोड़ने के लिए एक दोपहिया वाहन पर बोरी में भरकर ले जाए जा रहे पटाखों के बंडल में शुक्रवार रात को कंजनाइकेनपट्टी गांव के पूसारीपट्टी बस स्टैंड के पास आग लग गई और वह फट गया।
पुलिस ने बताया कि जब एक व्यक्ति ने पटाखों का परीक्षण करने का प्रयास किया तो पूरी बोरी जल उठी। दुर्घटना मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर हुई। मंदिर पर बड़ी संख्या में लोग उत्सव के लिए एकत्र हुए थे। मृतकों की पहचान कोट्टामेडु, कंजनाइकेनपट्टी निवासी सेल्वराज (29) और गुरुवल्लियुर निवासी 11 वर्षीय दो लड़कों के रूप में हुई है। जबकि एक युवक की सलेम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यह दुखद समाचार सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। मैं उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री जन राहत कोष से मृतकों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा कि कंजनाइकेनपट्टी गांव में एक मंदिर उत्सव के दौरान पटाखा दुर्घटना में चार लोगों की दुखद मौत की खबर बहुत चौंकाने वाली और दर्दनाक है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार के तहत ऐसी दुर्घटनाएं बार-बार हो रही हैं। मंदिर उत्सवों के दौरान उचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और उचित सुरक्षा प्रदान नहीं की गई। उन्होंने राज्य सरकार से राहत राशि बढ़ाने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की।