तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैयनार नागेंद्रन की तृशा कृष्णन पर टिप्पणी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बयान पर विरोध बढ़ा तो उन्होंने सार्वजनिक माफी मांगी और कहा कि वे अपने सिद्धांत से भटक गए थे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी उन्हें नसीहत दी।
तमिलनाडु की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैयनार नागेंद्रन की अभिनेत्री तृशा कृष्णन पर की गई टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में विरोध बढ़ा तो कुछ ही घंटों में उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि यह उनकी स्थापित मर्यादा से अलग बयान था और उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।
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क्या था पूरा बयान और विवाद कैसे शुरू हुआ?
नैयनार नागेंद्रन ने एक सवाल के जवाब में अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय को लेकर टिप्पणी करते हुए तृशा कृष्णन का नाम जोड़ दिया था। विजय तमिझगा वेत्री कड़गम के प्रमुख हैं और आगामी चुनाव में पहली बार उतरने की तैयारी में हैं। नागेंद्रन ने विजय को अनुभवहीन बताते हुए कहा था कि पहले वे बाहर आएं और तृशा के घर से बाहर निकलें। इसी टिप्पणी को आपत्तिजनक माना गया और विवाद शुरू हो गया।
माफी मांगते हुए नागेंद्रन ने क्या कहा?
नैयनार नागेंद्रन ने सोमवार को कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में वे निजी टिप्पणियों से बचते रहे हैं और दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह देते हैं। उन्होंने माना कि इस मामले में वे अपने सिद्धांत से भटक गए। उन्होंने कहा कि उन्हें समझाया गया कि ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे पूरे दिल से माफी मांगते हैं।
किसने समझाया और क्या दी नसीहत?
नागेंद्रन ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी उन्हें इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई। दोनों नेताओं ने उन्हें बताया कि किसी भी व्यक्ति पर निजी टिप्पणी से बचना चाहिए। इसके बाद उन्होंने अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने का फैसला किया।
तृशा कृष्णन की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई?
अभिनेत्री तृशा कृष्णन ने इस बयान को अभद्र और अनुचित बताया। उनके वकील की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इतनी ऊंची राजनीतिक जिम्मेदारी वाले व्यक्ति से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। बयान में साफ कहा गया कि तृशा किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं और राजनीति पर हमेशा तटस्थ रुख रखती हैं।
सोशल मीडिया पर क्या कहा गया?
तृशा कृष्णन ने अपने वकील का बयान सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि अपमान को खुलकर चुनौती दी जानी चाहिए। उनके इस संदेश के बाद मामला और चर्चा में आ गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके समर्थन में प्रतिक्रिया दी और सार्वजनिक जीवन के लोगों से संयमित भाषा के इस्तेमाल की मांग की। पूरे घटनाक्रम के बाद नागेंद्रन ने कहा कि राजनीति में बहस मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि निजी जीवन पर। उन्होंने दोहराया कि वे भविष्य में ऐसी टिप्पणी नहीं करेंगे। इस माफी को नुकसान नियंत्रण की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।