तमिलनाडु के प्रतिष्ठित अन्ना विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और पीछा करने के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक छात्रा की शिकायत के बाद हुई, जिसने आरोप लगाया कि प्रोफेसर पिछले लगभग दो वर्षों से उसे परेशान कर रहा था।
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छात्रा ने प्रोफेसर पर अन्य छात्राओं के भी उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक: क्लासरूम में प्रपोज करने वाले प्रोफेसर को नौकरी से निकाला, गृहमंत्री बोले-मेरा नाम घसीटना गलत
दो साल से उत्पीड़न का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर ज्ञानवेल बाबू के खिलाफ तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम, 1998 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78 के तहत पीछा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर उसे दो साल से अधिक समय से यौन उत्पीड़न का शिकार बना रहा था।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कई अन्य महिला छात्रों को भी इसी तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। उसने सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग के भीतर एक गोपनीय जांच का अनुरोध किया है।
छात्रों के विरोध पर विश्वविद्यालय ने की कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और वे सड़कों पर उतर आए। उनका आरोप है कि इस संबंध में पहले भी दो बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोपी प्रोफेसर को तत्काल हटाने और परिसर की सुरक्षा शिकायत निवारण तंत्र में पूर्ण सुधार की मांग की।
पुलिस में मामला दर्ज होने और विरोध प्रदर्शनों के तेज होने के बाद अन्ना विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह निलंबन आंतरिक और पुलिस जांच पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा।
भाजपा ने डीएमके पर साधा निशाना
इस घटना के बाद तमिलनाडु भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने एक्स पर दुख जताया। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अन्ना विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की घटनाएं क्यों जारी हैं? उन्होंने विश्वविद्यालय की यौन उत्पीड़न निवारण समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया, यह देखते हुए कि कथित उत्पीड़न दो साल तक जारी रहा।
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: प्रशिक्षण सत्र में चलाया TMC के प्रचार का वीडियो, आपत्ति जताने पर मतदान अधिकारी को पीटा
उन्होंने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान से भी पिछले साल इसी तरह की घटनाओं की रिपोर्ट के बाद लागू की गई सुरक्षा उपायों के बारे में जवाब देने का आग्रह किया। अन्नामलाई ने तमिलनाडु पुलिस से भी आग्रह किया है कि वे आरोपी प्रोफेसर के विभाग की सभी छात्राओं को शामिल करते हुए एक गोपनीय और संवेदनशील जांच करें, ताकि शैक्षणिक बहिष्कार के डर के बिना अधिक पीड़ित सामने आ सकें।
अन्य वीडियो