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तमिलनाडु: थेनी जेल से फरार सभी 17 कैदी पकड़े गए, हाई-सिक्योरिटी जेलों में होंगे शिफ्ट, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

सार

तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से फरार हुए सभी 17 कैदियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी अभियान में विशेष पुलिस टीमों, एसटीएफ और ड्रोन की मदद ली गई। कैदियों को सलेम, वेल्लोर, कुड्डालोर और पुझल की केंद्रीय जेलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू है। फरारी के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
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थेनी जिला जेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से फरार हुए सभी 17 कैदियों को पकड़ने के एक दिन बाद, पुलिस ने गुरुवार को बताया कि इन कैदियों को तमिलनाडु की उच्च-सुरक्षा वाली जेलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बुधवार को आखिरी दो फरार कैदियों, तिरुपति और मीनाक्षीसुंदरम के पकड़े जाने के साथ ही यह बड़ा तलाशी अभियान पूरा हो गया।
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पुलिस ने क्या बताया? 
पुलिस के अनुसार, अरंजनाईपुदुर इलाके से मोटरसाइकिल पर उथमापालयम की ओर भागने के बाद, इन कैदियों ने अम्माचीपुरम में एक अनजान व्यक्ति से फोन मांगा और अपने साथियों से संपर्क किया। उनके साथियों ने उन्हें पैसे, कपड़े और गाड़ियां उपलब्ध कराईं।

अभियान के लिए कितनी टीमें बनाई गई? 
पुलिस ने बताया कि इस व्यापक तलाशी अभियान में 17 विशेष टीमें, स्पेशल टास्क फोर्स की पांच इकाइयां और तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की चार बटालियनें शामिल थीं। दिन के समय घने जंगलों की निगरानी करने और संदिग्ध ठिकानों का पता लगाने के लिए विशेष ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। पकड़े गए कैदियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेजी से चल रही है।
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कैदियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया
मंगलवार शाम को पांच कैदियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्हें 10 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, बुधवार को आठ अन्य कैदियों को पेश किया गया, जिनकी हिरासत 11 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। बुधवार को पकड़े गए बाकी कैदियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाना है।

कैदियों को कहां स्थानांतरित किया गया? 
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, इन कैदियों को स्थानीय लॉकअप से सलेम, वेल्लोर, कुड्डालोर और पुझल की केंद्रीय जेलों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस बीच, थेनी के एसपी प्रवीण गौतम ने कहा कि इन कैदियों को राज्य की सीमा पार करने से रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। हालांकि, इस जेल ब्रेक के पीछे के असली मकसद और मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है।

कैसे भागे कैदी? 
सोमवार रात (लगभग 10 बजे) कैदियों ने एक फर्जी मेडिकल इमरजेंसी का नाटक करके जेल से भागने की योजना को अंजाम दिया। उन्होंने ऐसा दिखाया जैसे उनमें से किसी एक को मिर्गी का दौरा पड़ रहा हो। जब एक गार्ड मदद के लिए उनकी कोठरी में आया, तो कैदियों ने उस पर काबू पा लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने मुख्य गेट की चाबियां छीन लीं, दरवाजा खोला और पास के जंगलों की ओर भाग गए।
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