भारत की ओर से दिए गए संकेतों के बाद तालिबान का रुख उसके प्रति नरम है। उसने साफ कह दिया है, भारत समेत किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे।
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अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी के खिलाफ अमेरिका को तमाम चेतावनियां देने के एक हफ्ते बाद अफगान तालिबान के मुखिया शेख हिबातुल्लाह अखुंदजादा ने एक धार्मिक सभा में कहा, तालिबान वाशिंगटन से अच्छे संबंध चाहता है।
साथ ही कहा, तालिबान अपने किसी भी पड़ोसी मुल्क के खिलाफ अफगान भूमि का इस्तेमाल नहीं होने देगा। इनमें निश्चित तौर पर भारत भी शामिल है। अपने पहले के वक्तव्यों में अखुंदजादा अमेरिका के खिलाफ सख्त भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने एक बार यहां तक कहा था कि आप हमारे खिलाफ परमाणु बम इस्तेमाल करते हैं तो भी हमें इस्लाम की राह से डिगा नहीं सकते।
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तालिबान अब दुनिया से अलग किए जाने के हालात बदलना चाहता है। हाल में भारत के विदेश मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने दौरा कर अफगानिस्तान को मानवीय मदद पहुंचाने पर विमर्श किया था।