पीएम मोदी ने किया था तालचेर उर्वरक परियोजना का शिलान्यास
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केंद्र सरकार ने ओडिशा में एफसीआईएल की तालचेर उर्वरक लिमिटेड में कोयले के गैसीकरण के लिए चीनी कंपनी वुहान इंजीनियरिंग लिमिटेड को ठेका दिया था। अब प्लांट का काम रोक दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तकनीकी कारणों के चलते 13,277 करोड़ रुपये के तालचेर उर्वरक और कोयला गैसीकरण परियोजना का काम रुक गया है।
बता दें कि चीन की वुहुआन इंजीनियरिंग कंपनी को यह ठेका दिया गया था। इस तालचेर प्लांट में हर साल 12.7 लाख टन यूरिया और 7.3 लाख टन अमोनिया का उत्पादन होगा। कोरोना वायरस महामारी और वीजा मुद्दों के बीच हवाई साधन में व्यवधान हो रहा है जिसकी वजह से चीनी फर्म तकनीशियनों, उपकरणों और श्रमिकों को जुटाने में असमर्थ है।
लद्दाख की गलवां घाटी में सीमा पर भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद के कारण भी कुछ परियोजना पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। यूरिया के उत्पादन के लिए कोयला गैसीकरण तकनीक का उपयोग करने वाली यह भारत की पहली परियोजना है। कोयला गैसीकरण एक प्रक्रिया है जो कोयले को संश्लेषण गैस या सिनेगैस में परिवर्तित करती है जो हाइड्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण है।
आर्थिक मंत्रालय में काम करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना चालू है। भारत-चीन सीमा वार्ता कैसे सामने आती है, इसपर निर्भर करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी भी तरह का फैसला लिया जाएगा। यद्यपि यह परियोजना यूरिया पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है तो राष्ट्रीय हित के अनुसार फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते 59 चीनी मोबाइल ऐप जैसे कि टिकटोक, यूसी ब्राउजर और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी जिसमें कहा गया था कि ये ऐप भारत की संप्रभुता, भारत की रक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।