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Tahawwur Rana: 'हां, मैं पाकिस्तान सेना का एजेंट था और 26/11 के वक्त मुंबई में ही था'; तहव्वुर ने खोले कई राज

Mon, 07 Jul 2025 10:59 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने माना कि वह 26/11 हमले के दौरान मुंबई में मौजूद था और पाकिस्तान की आईएसआई व सेना का उस पर पूरा भरोसा था। राणा ने लश्कर-ए-तैयबा के साथ ट्रेनिंग ली थी। फिलहाल वह एनआईए की हिरासत में है और मुंबई पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।

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तहव्वुर राणा, मुंबई हमलों का साजिशकर्ता - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई में 26/11 हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा ने कबूल किया कि वह पाकिस्तान सेना का भरोसेमंद एजेंट था और हमलों के वक्त मुंबई में ही था। उसने माना कि वह हमले की साजिश रचने में भी शामिल था। उसने हमले के एक और साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली के साथ आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के शिविर में कई बार प्रशिक्षण लिया था। 

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में दिल्ली में तिहाड़ जेल में बंद राणा ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की पूछताछ में यह खुलासा किया। राणा ने बताया कि पाकिस्तानी सेना का उस पर पूरा भरोसा था, इसलिए खाड़ी युद्ध के समय उसे सऊदी अरब भेजा गया था। 

मुंबई पुलिस के सूत्रों का दावा है, राणा ने पूछताछ में यह भी बताया कि कुख्यात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ आतंकी संगठन लश्कर जासूसी नेटवर्क भी चलाता है। राणा पर मुंबई के 26 नवंबर, 2008 के भयावह आतंकी हमले और कोपनहेगन में आतंकी हमले के लिए आतंकियों को जरूरी मदद मुहैया कराने का आरोप है। राणा ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने अपनी कंपनी का आव्रजन केंद्र मुंबई में खोला, ताकि हमले की रेकी करने और जरूरी सुविधाएं जुटाने में मदद मिल सके। इस केंद्र के जरिये ही डेविड हेडली को उसने मुंबई में मदद दी। जिन ठिकानों को आतंकियों ने निशाना बनाया, उनमें से कुछ की रेकी राणा ने खुद की। 26/11 के हमलों में 166 लोगों की जान गई थी, जिनमें भारतीयों के अलावा अमेरिकी भी थे। इन हमलों को 10 आतंकियों ने अंजाम दिया था।
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2005 से ही रची जा रही थी साजिश
राणा ने बताया, पाकिस्तानी सेना और आईएसआई, मुंबई हमले की साजिश 2005 से रच रही थी। 2005 में आईएसआई ने आतंकी हमले के लिए पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी दाऊद सैयद गिलानी से हाथ मिलाया। उसे नाम बदलने के लिए अमेरिका भेजा, जहां उसने अपना नाम डेविड कोलमैन हेडली रखा। हेडली ही मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है। उसे नशीले पदार्थों की तस्करी में अमेरिका में सजा हुई थी। नाम बदलने के बाद जारी पासपोर्ट में अधिकारियों ने इसका जिक्र नहीं किया, जिससे वह पाकिस्तानी मूल छिपाने में कामयाब रहा। राणा और हेडली दोस्त थे।

पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर कनाडा का नागरिक
राणा (64) पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। पाकिस्तानी सेना में उसने डॉक्टर के तौर पर सेवाएं दीं। 1997 में कनाडा चला गया और वहां आव्रजन सेवाएं देने से जुड़ा कारोबार शुरू किया। कनाडा से वह अमेरिका पहुंचा और शिकागो सहित कई जगहों पर फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली। वह सात भाषाएं बोल सकता है।

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तहव्वुर राणा को इसी साल अमेरिका से भारत लाया गया था। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज करने के बाद उसे भारत भेजने की इजाजत दी। भारत में उसे NIA ने हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। उसके खिलाफ हत्या, साजिश, आतंकवाद फैलाने और फर्जीवाड़े जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
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मुंबई पुलिस जल्द करेगी गिरफ्तारी
राणा की पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस अब उसे अपने कब्जे में लेने की तैयारी में है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर मुंबई लाने वाली है, ताकि उससे सीधे तौर पर 26/11 हमले को लेकर और सवाल पूछे जा सकें। बता दें, 26/11 हमले में 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई पर करीब 60 घंटे तक आतंक मचाया था, जिसमें 166 मासूम लोगों की जान गई थी।
 

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