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Tahawwur Rana: दो वजहों से तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण हुआ सफल, ये भारत के बढ़ते कद का सबूत

Thu, 10 Apr 2025 12:34 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। हालांकि ये राह आसान नहीं रही और मुंबई हमले के साजिशकर्ता राणा ने अपना प्रत्यर्पण रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन भारत के प्रयासों के सामने उसकी एक न चली। 
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तहव्वुर राणा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण देश की कूटनीति की बड़ी जीत है। तहव्वुर राणा को लेकर एनआईए की टीम आज नई दिल्ली पहुंच जाएगी। न्यूज एजेंसी एनआईए ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि तहव्वुर राणा को भारत लाना काफी मुश्किल था, लेकिन दो तथ्यों ने आतंकी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को आसान बना दिया। 
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दोहरे खतरे के सिद्धांत का बखूबी किया सामना
पहला फैक्टर है कानूनी दांव-पेच, दरअसल तहव्वुर राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दोहरे खतरे सिद्धांत (Double Jeopardy) का हवाला दिया था। इसके तहत किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार सजा नहीं दी जा सकती। तहव्वुर राणा ने तर्क दिया कि मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में वह अमेरिका में सजा काट चुका है, ऐसे में उसे अब भारत प्रत्यर्पित करना दोहरे खतरे के सिद्धांत का उल्लंघन होगा। हालांकि भारत का प्रतिनिधित्व एक मजबूत कानूनी टीम कर रही थी, जिसने अपने तर्कों से तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण से बचने की हर कोशिश को नाकाम कर दिया। 

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भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का सबूत
दूसरा फैक्टर है भारत का बढ़ता हुआ कूटनीतिक प्रभाव, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण भारत की बढ़ती हुई कूटनीतिक पहुंच, इसके अमेरिका के साथ मजबूत संबंधों का सबूत है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व की बाइडन सरकार या मौजूदा ट्रंप सरकार दोनों ने ही तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। ट्रंप ने तो अपने एक बयान में साफ कर दिया था कि तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण में कई बार मुश्किलें भी आईं, लेकिन भारत ने अमेरिका के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों का फायदा उठाते हुए उन मुश्किलों को समाप्त कर दिया। 
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तहव्वुर राणा एक पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक है, जो पाकिस्तानी सेना में भी काम कर चुका है। तहव्वुर राणा को आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के  लिए काम करने के लिए दोषी पाया गया था। वह साल 2009 से अमेरिका की जेल में बंद था। अब भारत लाकर उसे 2008 के मुंबई हमले के मामले में न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। केंद्र सरकार ने नरेंद्र मान को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है, जो एनआईए की तरफ से सुनवाई में शामिल होंगे। 

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