कश्मीर को लेकर पाकिस्तान द्वारा पूरी दुनिया में जाकर समर्थन की मांग के बाद भी अधिकतर देशों ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताया। वहीं, इस फेहरिस्त में एक और नाम जुड़ गया है।
भारत में सीरिया के राजदूत रियाद अब्बास ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाना देश का आंतरिक मामला है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में किसी भी राष्ट्र को अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कोई भी उपयुक्त कदम उठाने का अधिकार है।
अब्बास ने आगे कहा कि किसी भी सरकार को अपनी जमीन पर नागिरकों की रक्षा के लिए कदम उठाने का अधिकार है। किसी भी सरकार को अपने लोगों की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका खोजने का अधिकार है। यह (कश्मीर पर कदम) एक आंतरिक मुद्दा है। हम हमेशा किसी भी कार्रवाई पर भारत के पक्ष में है।
नई दिल्ली ने कहा है कि कश्मीर का कदम उसका आंतरिक मामला है। एक ऐसा रुख जिसे सार्क देशों सहित दुनिया भर के कई देशों ने समर्थन दिया है।
दूत ने उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की द्वारा सैन्य कार्रवाई पर नई दिल्ली के रूख का स्वागत किया और कहा कि उसका देश भारत के साथ संबंधों को बढ़ाने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता के तहत अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारत एक मजबूत आवाज है। अब्बास ने कहा कि सीरियाई सरकार और मेरे देश के लोग इस मामले पर भारत सरकार के रुख की बहुत सराहना करते हैं।
10 अक्तूबर को, भारत ने उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की द्वारा एकतरफा सैन्य हमले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि अंकारा की कार्रवाई क्षेत्र में स्थिरता को कमजोर कर सकती है और मानवीय और नागरिक संकट पैदा कर सकती है।
भारत का विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि हम उत्तर-पूर्व सीरिया में तुर्की द्वारा एकतरफा सैन्य हमले से चिंतित हैं। तुर्की की कार्रवाई क्षेत्र में स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर सकती है। इसकी कार्रवाई में मानवीय और नागरिक संकट पैदा करने की क्षमता भी है।