फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: 'पहले निकाय चुनाव पर ध्यान दें', शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव गुट को दी सलाह

Wed, 07 May 2025 07:10 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव चिन्ह की बजाय फिलहाल महाराष्ट्र के रुके हुए स्थानीय निकाय चुनावों पर ध्यान दें।

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की चुनाव चिन्ह को लेकर दायर याचिका पर सुनावाई की। इस दौरान कोर्ट ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को सलाह दी कि वे पहले महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों पर ध्यान दें, बजाय इसके कि वे चुनाव चिन्ह (धनुष-बाण) को लेकर तत्काल सुनवाई की मांग करें।

विज्ञापन


मामले में सुनवाई के दौरान शिवसेना (यूबीटी) की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे के गुट को बहुमत के आधार पर 'धनुष और बाण' का चुनाव चिह्न दे दिया, जो कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले के खिलाफ है।

ये भी पढ़ें:- NIA: एएनआई ने लोगों से पहलगाम हमले की तस्वीरें और वीडियो साझा करने की अपील की, जारी किया फोन नंबर
विज्ञापन


सिब्बल का दावा- चुनाव में ग्रामीण हो सकते है भ्रमित
सुनवाई के दौरान कोर्ट में वरिष्ठ वकील सिब्बल ने आशंका जताई कि स्थानीय निकाय चुनावों में शिंदे गुट इस चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को भ्रमित किया जा सकता है। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि पहले चुनाव होने दीजिए, पांच साल से अधिक समय से ये चुनाव रुके हुए हैं। अदालत ने कहा कि समय की कमी के चलते गर्मी की छुट्टियों के बाद ही इस मामले की सुनवाई हो सकेगी, हालांकि अगर सिब्बल जरूरी तर्क देते हैं तो अवकाशकालीन पीठ सुनवाई कर सकती है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, कांग्रेस बोली- पीएम की मौजूदगी आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया निकाय चुनाव का रास्ता
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों का रास्ता साफ किया था और महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग को 4 हफ्तों में चुनावों की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। ठाकरे गुट ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने शिंदे गुट के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया। उनका आरोप है कि दलबदल करने वालों को सजा देने की बजाय उन्हें इनाम मिला और उन्हें असली पार्टी मान लिया गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें