केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पूर्वी कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा का शिलान्यास किया। यह शिलान्यास भाजपा विचारक की जयंती के अवसर पर किया गया। शाह पश्चिम बंगाल की राजधानी के एक दिवसीय दौरे पर हैं।
अमित शाह क्या बोले?
शिलान्यास के बाद कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कांग्रेस ने कभी भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत की जांच नहीं होने दी। 63 वर्षों से हमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनके योगदान को भुलाने की कोशिश की गई है। मुझे पूरा भरोसा है कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' बनाने का भाजपा का संकल्प पूरा होगा। शाह ने सीमा पर चौकसी बढ़ाने और सख्त नीतियों का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर घुसपैठिये की पहचान कर भारत को सुरक्षित बनाएगी।
शाह के भाषण में राष्ट्रीय राजनीति के लिए क्या संदेश?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस समारोह से पश्चिम बंगाल के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति को लेकर भी कई बड़े संदेश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नागरिकता देने का केंद्र सरकार का संकल्प पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का काम लगभग पूरा हो चुका है। पूरा देश पश्चिम बंगाल की ओर उम्मीद से देख रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सोनार बांग्ला के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सरकार ने घोषणा पत्र के वादों को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है और अगले पांच वर्षों में सभी संकल्प पूरे किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने राज्य के गुंडों को 'उल्टा लटकाने' की बात कही थी और अब राज्य सरकार उस संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य विधानसभा से गुंडा नियंत्रण विधेयक पारित किया जा चुका है, जो संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आधार बनेगा। शाह ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगस्त में इससे संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए अलग समिति भी गठित की गई है।
शाह ने राज्य सरकार की शुरुआती उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि अन्नपूर्णा योजना, आयुष्मान भारत और लखपति दीदी जैसी योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उत्तर बंगाल में कैंसर अस्पताल के निर्माण का कार्य आरंभ हो गया है और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच के लिए समिति गठित कर दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, वे तैयार रहें। समिति की रिपोर्ट आते ही उनसे पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पहले भ्रष्टाचार के मामलों में जांच की अनुमति नहीं मिलती थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सभी मामलों में जांच का रास्ता खोल दिया गया है।
घुसपैठ के मुद्दे पर शाह ने कहा कि चुनाव के दौरान किया गया वादा अब अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाकर उनकी विचारधारा को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई है।
शाह ने कहा कि कोलकाता के इको पार्क में डॉ. मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह केवल प्रतिमा नहीं, बल्कि 'सोनार बांग्ला' के निर्माण का प्रतीक होगी। प्रतिमा परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन के लिए 'श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्थान' भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ के रूप में डॉ. मुखर्जी ने जो बीज बोया था, वह आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में विशाल वटवृक्ष बन चुका है।
बकौल गृह मंत्री शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकास भी, विरासत भी' की नीति के साथ उनके सपनों का भारत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। समारोह से पहले अमित शाह ने कोलकाता के इको पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर स्थित डॉ. मुखर्जी के पैतृक आवास का दौरा किया और मिलन मेला में आयोजित समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. मुखर्जी के सहयोगी रहे माखनलाल सरकार को विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया।
125 फीट की प्रतिमा खास क्यों? बनेगा शोध संस्थान
अमित शाह ने इको पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी। उन्होंने बताया कि प्रतिमा परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक अध्ययन और राष्ट्रवादी विचारों पर शोध के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्थान भी स्थापित किया जाएगा। आधारशिला समारोह के बाद शाह ने भवानीपुर स्थित डॉ. मुखर्जी के पैतृक आवास का दौरा किया और उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया।
बंगाल में कहां स्थापित की जा रही है प्रतिमा?
गौरतलब है कि जनसंघ संस्थापक मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाने के लिए भाजपा ने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में प्रतिमा के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित रहे।
क्या बंगाल में भाजपा का रोडमैप तैयार करेंगे शाह?
शाम को शाह बिस्वा बांग्ला मेला ग्राउंड में एक अन्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसमें राज्य भर से वरिष्ठ भाजपा नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जुटने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री कार्यक्रमों में भाग लेने के अलावा राज्य भाजपा नेतृत्व के साथ संगठनात्मक मामलों पर चर्चा करेंगे। वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के रोडमैप पर भी बातचीत करेंगे।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और बंगाल में योगदान कैसा?
ये भी रोचक है कि कई दशक पहले भारतीय जनसंघ ही बाद में भाजपा बन गया। मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ और उनका निधन 23 जून 1953 को श्रीनगर में हिरासत में हुआ। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ पूर्ण एकीकरण के लिए अभियान चलाया था। इसके लिए उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की मांग की थी। नरेंद्र मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था।