भारत में चल रहे एआई शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने अगले एआई समिट को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि एआई अभूतपूर्व गति से हमारे भविष्य को आकार दे रहा है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सरकारें मिलकर काम करें, ज्ञान का आदान-प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि एआई से सभी को लाभ मिले।
स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने गुरुवार को घोषणा की कि स्विट्जरलैंड वर्ष 2027 में जिनेवा में एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि इससे डिजिटल नीति के क्षेत्र में स्विट्जरलैंड की स्थिति मजबूत होगी और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि होगी।
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भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान स्विस पवेलियन में मीडिया से बातचीत करते हुए पार्मेलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक को बेहतरीन बताया। दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय वार्ता भी की।
जिनेवा में एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन पर क्या बोले स्विस राष्ट्रपति?
स्विस राष्ट्रपति ने कहा कि एआई केवल गति या अनुप्रयोग का विषय नहीं है, बल्कि इसका लोगों के जीवन पर सीधा और असाधारण प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भी कहा कि जिनेवा में 2027 का समिट जिम्मेदार एआई उपयोग, वैश्विक संवाद, शासन और नियमन को आगे बढ़ाने में योगदान देगा।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'नई दिल्ली में भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। एआई अभूतपूर्व गति से हमारे भविष्य को आकार दे रहा है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सरकारें मिलकर काम करें, ज्ञान का आदान-प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि एआई से सभी को लाभ मिले।'
'एआई का लाभ सभी को मिले' :गाइ पार्मेलिन
उन्होंने कहा कि सरकारों के बीच सहयोग, ज्ञान-साझाकरण और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एआई का लाभ सभी को मिले। 16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस समिट में कई राष्ट्राध्यक्षों, 500 से अधिक वैश्विक एआई नेताओं, 150 शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं तथा 400 से अधिक तकनीकी अधिकारियों और परोपकारियों की भागीदारी है।